बरेली: हजारों की संख्या में हो सकती हैं फर्जी विधवाएं, पूरे जिले में होगा सत्यापन
अनुपम सिंह, बरेली, अमृत विचार। फर्जी विधवा पेंशन के मामले में अब पूरे जिले में जांच होगी। रामनगर ब्लॉक के गांव गोठा खंडुआ में नवविवाहित महिलाओं को विधवा पेंशन दिए जाने का खुलासा होने के बाद अफसरों को शक है कि इस तरह के मामले हजारों की संख्या में दूसरी तहसीलों और ब्लॉकों में भी हो सकते हैं।
इसी कारण डीएम ने हर ब्लॉक में एसडीएम और बीडीओ समेत तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर विधवा पेंशन की हर लाभार्थी का सत्यापन करने का आदेश दिया है। जिले में करीब 77 हजार महिलाओं को विधवा पेंशन दी जा रही है। हर कमेटी अपने ब्लॉक में 15 दिन के अंदर जांच कर डीएम को रिपोर्ट भेजेगी।
अमृत विचार के अभियान के बाद गोठा खंडुआ में बड़े पैमाने पर अपात्र महिलाओं को विधवा पेंशन दिए जाने का खुलासा हुआ था। इस गांव में 25 से 30 साल की ऐसी महिलाओं को भी विधवा पेंशन दी जा रही थी जिनकी शादी कुछ ही साल पहले हुई थी और उनके पति जीवित थे। चूंकि विधवा पेंशन के लिए पति का मृत्यु और आय समेत कई प्रमाणपत्र लगाए जाते हैं लिहाजा जांच हुई तो यह भी साफ हो गया कि फर्जी विधवा पेंशन दिलाने के खेल के पीछे सरकारी कर्मचारियों का ही रैकेट काम कर रहा है।
गोठा में इस गोरखधंधे का खुलासा होने के बाद एसडीएम आंवला ने रामनगर के बीडीओ को सभी महिलाओं की पेंशन रोकने के साथ उनसे अब तक दी गई धनराशि की वसूली करने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया था। पूरे मामले की रिपोर्ट डीएम और डीपीओ को भेजी थी। डीएम ने शिवाकांत द्विवेदी ने दूसरे ब्लॉकों में भी बड़े पैमाने पर फर्जी विधवा पेंशन के मामले होने की आशंका देखते हुए पूरे जिले में जांच का आदेश दिया है।
डीएम के आदेश के बाद पूरे जिले में करीब 77 हजार लाभार्थियों का नए सिरे से सत्यापन होगा। जिला प्रोबेशन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार जिले में 76 हजार 827 महिलाओं को विधवा पेंशन दी जा रही है। डीएम ने सभी एसडीएम से 15 दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
ब्लॉकों से तहसीलों तक खलबली, नीचे से ऊपर तक फंस सकती हैं कई गर्दनें, रामनगर ब्लॉक में अब तक न कोई दोष निर्धारण न कार्रवाई
पति के जीवित होते हुए महिलाओं को सरकारी विधवा का दर्जा देकर एक हजार रुपये मासिक की पेंशन दिए जाने के मामले में रामनगर ब्लॉक में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। एसडीएम आंवला गोविंद मौर्य ने तीन दिन पहले बीडीओ रामनगर को अपात्र महिलाओं की पेंशन बंद कर उन्हें अब तक दी गई रकम की वसूली करने के साथ दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आदेश दिया था।
उधर, डीएम के आदेश के बाद दूसरे ब्लॉकों और तहसीलों में भी खलबली मच गई है। बताया जा रहा है कि रामनगर अकेला ब्लॉक नहीं है, जहां पर अपात्र महिलाओं पर सरकारी धन लुटाया जा रहा था। दूसरे ब्लॉकों में भी इस तरह के तमाम मामले हैं। अफसरों की अनदेखी के कारण सरकारी कर्मचारियों और दलालों का यह रैकेट काफी समय से शासन की योजनाओं की बागडोर संभाले हुए था। अधिकारी भी स्वीकार कर रहे हैं कि पूरे जिले में विधवा पेंशन के मामले शक के घेरे में हैं।
गोठा खंडुआ में पकड़े गए फर्जी
विधवा पेंशन के 20 और मामले दूसरे गांवों के पते पर पेंशन लिए जाने के कई और केस
गोठा खंडुआ में जांच आगे बढ़ने के साथ फर्जी विधवा पेंशन के हर दिन नए मामले सामने आ रहे हैं। पहली बार जांच में 26 महिलाओं के अवैध विधवा पेंशन लिए जाने का मामला पकड़ा गया था, अब 20 और महिलाओं के फर्जी विधवा पेंशन लिए जाने की पुष्टि के बाद यह संख्या बढ़कर 46 हो गई है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मोनिका राणा ने बताया कि गोठा खंडुआ गांव में अब तक की जांच 46 अपात्र महिलाओं के विधवा पेंशन लेने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि ये सभी महिलाएं इसी गांव की हैं लेकिन सरकारी दस्तावेजों में उनके पते अलग-अलग गांवों के दिखाए गए हैं।
अपात्र महिलाओं को विधवा पेंशन पर देने रोक लगाने और अब तक ली गई धनराशि की वसूली के लिए सभी बीडीओ और बैंकों को पत्र जारी किया है। फर्जी विधवा पेशन के मामले जिले में कहीं और तो नहीं हैं, इसकी जांच के लिए एसडीएम और बीडीओ से जांच कराने के लिए डीएम ने सत्यापन का आदेश दिया है ताकि अगले महीने किसी अपात्र को पेंशन न मिले। - मोनिका राणा, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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