देवांश लॉज मामला: अफसरों के बदलने से जांच में आ सकता है नया मोड़, जानिए वजह
देवांश लाज पर कब्जे के मामले में नए सिरे से हो सकती है जांच
कासगंज, अमृत विचार। देवांश लॉज पर हुए कब्जे के मामले में विधायक की नाराजगी के बाद एसडीएम और नायब तहसीलदार हटा दिए गए, जबकि तहसीलदार को स्थानांतरण पर कार्यमुक्त कर दिया गया। अब नए एसडीएम और नायब तहसीलदार की तैनाती हो गई है। तहसीलदार का पद रिक्त है। इधर प्रशासनिक अफसर बदलने के बाद देवांश लॉज के मामले में की जा रही जांच भी नया मोड़ ले सकती है। इस तरह की चर्चा पूरे शहर में है लोग तरह-तरह के प्रयास लग रहे हैं। वहीं अभी है स्पष्ट नहीं हुआ है की मुख्य जांच अधिकारी कौन होगा, हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता नहीं हो सकी है।
कासगंज शहर में देवांश लॉज पर हुए कब्जे का मामला पूरी तरह चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले ही दिनों इस मामले में एसडीएम न्यायालय में वाद दायर हुआ। पुलिस मामले में जांच कर रही है और शांति भंग की धाराओं में भी अलग-अलग पक्षकारों को पाबंद कर दिया गया है। इस बीच एक बड़ी कार्रवाई गुरुवार को हो गई। मामला तूल पकड़ता दिखाई दिया तो डीएम ने एसडीएम सदर पंकज कुमार और नायब तहसीलदार गरिमा सिंह को हटा दिया, जबकि तहसीलदार अजय कुमार को स्थानांतरण पर कार्य मुक्त कर दिया गया।
नए अधिकारियों की तैनाती हो गई है। फिलहाल तहसीलदार की तैनाती अभी नहीं हुई है। इस बीच अब शहर में चर्चा का विषय है कि आखिर जांच क्या नया मोड़ लेगी, क्योंकि अफसर बदलने के बाद जांच भी नया मोड़ ले सकती है। मामले में सदर विधायक देवेंद्र राजपूत कड़ी पैरवी कर रहे हैं और वे गाटा संख्या 38 की संपत्ति को राजकीय संपत्ति होने का प्रमाण भी प्रस्तुत कर रहे हैं। अब देवांश लॉज की संपत्ति का मामला नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है, हालांकि जो भी हो लेकिन अभी स्पष्ट नहीं है कि मुख्य जांच अधिकारी कौन होगा। इस संबंध में किसी भी प्रशासनिक अधिकारी से वार्ता करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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