बरेली: जनता रोज भुगतेगी करीब 15 लाख, एनएचएआई को मिलेंगे 4.63 लाख, बाकी मुंबई की एजेंसी के
बरेली/रिठौरा, अमृत विचार। बरेली से पीलीभीत की अच्छी सड़क पर चलने के लिए लोगों की जेब पर अतिरिक्त मार शुरू हो गई है। बरेली-सितारगंज के टू लेन हाईवे पर लभेड़ा में बनाए गए टोल प्लाजा पर एनएचएआई ने शनिवार से टैक्स की वसूली शुरू कर दी।
हर दिन इस रोड पर गुजरने वाले 10 हजार से ज्यादा वाहन करीब 15 लाख रुपये टैक्स का भुगतान करेंगे। इसमें से 4.63 लाख का भुगतान रोज एनएचएआई को होगा और बाकी करीब 10 लाख की कमाई मुंबई की उस एजेंसी की तिजोरी में जाएगी जिसे इस टोल प्लाजा के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है।
बरेली की तरफ से जाने और आने वाले वाहन अब तक दिल्ली और नैनीताल रोड पर ही टैक्स दे रहे थे, अब शनिवार से पीलीभीत रोड पर भी टोल प्लाजा शुरू हो गया। इस तरह अब बरेली चार दिशाओं में टोल टैक्स के चक्रव्यूह से घिर गई है। शनिवार सुबह टोल प्लाजा से गुजरने वाली पहली गाड़ी के पूजन के साथ उसकी शुरुआत की गई।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक बीपी पाठक के मुताबिक करीब पांच दिन पहले ही इस टोल प्लाजा पर वसूली शुरू करने के इंतजाम पूरे कर लिए गए थे। लोग अब तक दिल्ली रोड पर फतेहगंज पश्चिमी, नैनीताल रोड पर भोजीपुरा और लखनऊ रोड पर फरीदपुर में बने टोल प्लाजा पर ही टैक्स दे रहे थे। अब सिर्फ बदायूं रोड टोल टैक्स से मुक्त रह गया है।
परियोजना निदेशक के मुताबिक पीलीभीत रोड पर फिलहाल तीन महीने के लिए टोल टैक्स वसूली करने की जिम्मेदारी मुंबई की एक कंपनी को दी गई है जो इसकी एवज में एनएचएआई को 4.63 लाख रुपये का प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करेगी। नियमों के मुताबिक काम ठीक होने पर ही कंपनी को एक्सटेंशन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अनुमानित तौर पर एक दिन में करीब 10 हजार वाहन पीलीभीत रोड के इस टोल प्लाजा से गुजरेंगे। टोल प्लाजा पर मॉनीटरिंग के लिए 18 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
ये है जनता पर पड़े बोझ और टू लेन सड़क से कमाई का हिसाब
लभेड़ा टोल प्लाजा पर बरेली-सितारंगज टू लेन होने के कारण एनएचएआई के निर्धारित टैक्स का 60 प्रतिशत ही लिया जाएगा। हाईवे फोरलेन के बाद ही पूरा टोल टैक्स लिया जाएगा। फिलहाल जो दरें निर्धारित हैं, उनके मुताबिक कार/ वैन श्रेणी के वाहन के एक तरफ से निकलने पर 70 रुपये, हल्के व्यावसायिक वाहन से 110, दो एक्सल वाले ट्रक-बस से 235, चार से छह एक्सल तक के भारी वाहन से 370, सात एक्सल और उसे बड़े वाहन से 450 रुपये वसूल किए जाएंगे। टोल प्लाजा के 20 किमी दायरे में रहने वाले लोग व्यक्तिगत वाहनों पर 330 रुपये महीने का पास लेकर आवाजाही कर सकेंगे।
एनएचएआई के मुताबिक इस रोड पर एक दिन में निकलने वाले वाहनों की संख्या 10 हजार से ज्यादा है। अगर दो सौ रुपये प्रति वाहन के हिसाब से भी कमाई का आकलन किया जाए तो यह 20 लाख रुपये बैठती है। इसमें से अगर पास पर दैनिक आवाजाही करने वाले वाहनों की संख्या 30 फीसदी मान ली जाए, तब भी कम से कम 15 लाख की कमाई रोज होनी निश्चित है। टोल प्लाजा चलाने वाली एजेंसी को इसमें से सिर्फ 4.63 लाख प्रतिदिन के हिसाब से ही एनएचएआई को भुगतान करना है। रोज का उसका निजी खर्च करीब 25 हजार रुपये का बताया गया है। इस तरह बगैर किसी निवेश के 10 लाख की रोज की कमाई एजेंसी की ही होगी।
एक सितंबर से मिलेगी मासिक पास की सुविधा
टोल प्लाजा के 20 किमी दायरे में रहने वाले लोगों को 330 रुपये में मासिक पास मिलेगा। इसके लिए निवास के साक्ष्य के साथ आरसी लगाकर फास्ट ट्रैक का पास प्राप्त किया जा सकेगा। वाहन और निवास का प्रमाणपत्र जिसके नाम होगा, फास्ट ट्रैक का पास भी उसी के नाम जारी होगा। परियोजना निदेशक बीपी पाठक ने बताया कि इस महीने के तीन दिन शेष होने की वजह से यदि कोई मासिक पास बनवाएगा तो उसे सिर्फ तीन दिन ही उसका फायदा मिलेगा। इसलिए एक सितंबर से पास बनाए जाएंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा सात की उपधारा एक के मुताबिक टू-लेन हाईवे पर टोल प्लाजा तभी स्थापित किया जा सकता है, जब उस पर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत का पुल या फिर सुरंग यानी अंडरपास का निर्माण किया गया हो। ऐसा न होने पर फोरलेन हाईवे पर ही टोल टैक्स वसूल किया जा सकता है।
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