मुरादाबाद: गैस सिलेंडर में ब्लास्ट से मकान क्षतिग्रस्त, महिला झुलसी

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव ठीकरी में चाय बनाते समय गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। सिलेंडर फटने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि महिला गंभीर रूप से झुलस गई। महिला का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।

ठीकरी गांव निवासी सद्दाम हुसैन ने बताया कि सुबह करीब 9:30 बजे उनकी पत्नी नसरीन जहां रसोई में चाय बनाने गई थीं। जैसे ही नसरीन ने गैस चालू करने के बाद लाइटर जलाया, तुरंत सिलेंडर में लगे पाइप में आग लग गई। आग की तेज लपट से नसरीन झुलस गईं। कुछ समय बाद तेज धमाके के साथ सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। सिलेंडर फटने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया। दीवारों का मलबा घर के आंगन तक छिटक कर आ गिरा। मलबे की चपेट में महिला का पति, सास, ननद भी आकर घायल हुए हैं। 

गनीमत रही कि परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। धमाके की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए और सद्दाम के घर पहुंच गए। गांव वालों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को खबर की। लेकिन, पुलिस के आने से पहले ही सद्दाम हुसैन एंबुलेंस से पत्नी नसरीन जहां, मां अनीसा और बहन परवीन को लेकर जिला अस्पताल लेकर पहुंच गए। 

सद्दाम ने बताया कि उनका करीब 600 वर्ग फिट में मकान बना है, जो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। धमाके के कुछ देर बाद सिलिंडर की आग अपने आप बुझ गई थी। सद्दाम के पड़ोसी आबिद अली, नबिया चौधरी आदि ने बताया कि इतनी तेज आवाज वाला धमका उनके जीवन में पहली बार हुआ है। सद्दाम के घर के सामने नूरिया मदरसा है। इस मदरसे में मौजूद लोग भी धमाके से सहमे थे।

सद्दाम ने बताया कि ईश्वर का शुक्र था कि सिलेंडर में गैस अधिक नहीं थी। गैस कम होने से ही आग जल्दी बुझ गई। उन्होंने बताया कि यह सिलेंडर उनकी मां अनीसा को चार-पांच साल पहले केंद्र सरकार की उज्जवला योजना में मिला था। तब से गैस चूल्हे पर ही घर की खाना बनता है।

ईश्वर ने सद्दाम को बचाया
सद्दाम हुसैन पीतल पॉलिश का काम कर घर-परिवार चलाते हैं। उनके घर में मां-बहन, पत्नी व उनका तीन साल का बेटा शहजाद अली रहता है। दो भाई बाहर रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं। सद्दाम ने बताया कि ईश्वर ने उन्हें बचा लिया। कहा, वह हर रोज सुबह 10-11 बजे सो कर जागते हैं लेकिन, आज (शनिवार) को ईश्वर का ही रहम था जो जल्दी सो कर उठ गए और जैसे ही घर के बाहर का गेट पार किया कि धमका हो गया। धमाके से छत तो नहीं टूटी है लेकिन, चारों दीवारें फट गई हैं। दीवारों से उछले मलबे की ईंटें मां अनीसा और बहन परवीन के पैर-कमर में जा लगी। सद्दाम के भी पैर में ईंट लग गई है। ये लोग चोटिल हो गए हैं। सद्दाम ने बताया कि गनीमत रही कि इस घटना में उनके बेटे शहजाद अली को कोई चोट नहीं आई है लेकिन, बहुत डरा-सहमा है।

चूल्हे पर रखी थी केतली, लाइटर जलाते ही लगी आग
सद्दाम हुसैन ने बताया कि उनकी पत्नी नसरीन जहां सुबह चाय बनाने की तैयारी में थी। चूल्हे पर केतली रख चुकी थी। उसने जैसे ही लाइटर जलाया कि आग का गुबार निकल पड़ा। आग की लपट नसरीन जहां के चेहरे तक आ गई और वह झुलस गईं। हादसे की वजह सिलेंडर से गैस की लीकेज बताई जा रही है। हो सकता है कि चूहे ने गैस पाइप को काट दिया हो।

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