प्रतापगढ़: छुट्टा मवेशियों से होने वाली मौतों का कोई नहीं जिम्मेदार
प्रतापगढ़। सड़कों से लेकर खेतों तक, बाजार से लेकर गलियों तक इधर से उधर घूम रहे सांड़ लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। उनके हमले से लोग जान गवां दे रहे हैं व बच जाने पर अपाहिज के दर्द से गुजरते हैं। इस तरह होने वाली मौतों पर प्रशासन कोई राहत राशि भी नहीं देता है।
पिछले दिनों घरौरा लीलापुर निवासी पूर्व प्रधान राम शिरोमणि पांडेय (70) की सांड़ ने जान ले ली थी। वह अपने खेत में बेसहारा मवेशियों का झुंड देखकर लाठी लेकर हांकने गए थे। वहां एक सांड़ ने हमला करके उन्हें घायल कर दिया। चार दिन बाद उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि बेसहारा मवेशियों के हमले नहीं रुक रहे।
इससे तीर्थराज शुक्ल, त्रिलोचन तिवारी, माही सरोज, निमरहा साधना देवी, हिना समेत दर्जन भर लोग घायल हो चुके हैं। कई बार शासन- प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन राहत नहीं मिल पा रही है। बेसहारा मवेशियों से निजात की मांग सुनी नहीं जा रही है। इसके पहले भदेवरा के रामदीन तिवारी, सिसौरा के देवकी नंदन पांडेय को पिछले साल खेत के पास सांड़ ने घायल कर दिया था।
चार दिन बाद रामदीन ने दम तोड़ दिया था। रानीगंज प्रतिनिधि के अनुसार अशोक कुमार शुक्ल निवासी ग्राम गौरा पूरेबदल, फतनपुर सांड़ के हमले में दाहिनी आंख में काफी चोटिल हो गए थे। उनका इलाज आज भी चल रहा है। हर दिन कहीं न कहीं इनके कारण सड़क हादसे भी हो रहे हैं।
