G20 शिखर सम्मेलन से होटल उद्योग को राहत, कमरों की मांग, किराया महामारी-पूर्व के स्तर पर पहुंची

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। भारत में जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन होटल उद्योग के लिए राहत लेकर आया है। भारतीय होटल संघ (एचएआई) के महासचिव एम पी बेजबरुआ ने कहा है कि देश में अब होटल कमरों की बुकिंग और किराया महामारी-पूर्व के स्तर पर पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि जी20 शिखर सम्मेलन और महानगरों में पर्यटकों की आवाजाही होटल उद्योग के लिए राहत लेकर आई है। बेजबरुआ ने एक न्यूज एजेंसी से साक्षात्कार में कहा कि मौजूदा मांग-आपूर्ति की स्थिति के कारण कमरों के किराये कभी-कभी महामारी-पूर्व से थोड़ा अधिक होते हैं।

बेजबरुआ ने कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि इस समय न केवल जी20, बल्कि पर्यटकों और लोगों की ओर से भी बहुत बड़ी मांग है जो शहरों में यह सब देखने के लिए आ रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि जाहिर तौर पर कीमतें बाजार में मांग और आपूर्ति की स्थिति की वजह से बढ़ी हैं।

उनसे पूछा गया था कि एचएआई को जी20 शिखर सम्मेलन के लिए कमरों की मांग और किराया दरों को लेकर अपने सदस्यों से क्या जानकारी मिली है। ऊंची मांग के कमरों के किराये और बुकिंग पर प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मूल रूप से मैं जो कह सकता हूं वह यह है कि मांग और किराया महामारी-पूर्व के स्तर पर पहुंच गया है।

वास्तव में कई बार किराया महामारी-पूर्व से अधिक भी रहता है। लेकिन यह मांग और आपूर्ति पर आधारित होता है।’’ यह पूछे जाने पर कि कमरों का किराया कितना बढ़ा है, उन्होंने कहा कि इस उद्योग में प्रतिशत जैसा कुछ नहीं होता।

कुछ होटल अपने द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए विशेष दरें लेते हैं। इसी तरह छोटे और मझोले होटल अपने हिसाब से किराया लेते हैं। जी20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर उन्होंने कहा कि महानगरों में प्रमुख ब्रांडेड होटल सरकार के संपर्क में हैं और ठहरने की सभी व्यवस्थाएं सरकार के परामर्श से की गई हैं। 

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