अयोध्या : गोलाघाट पर कंठी-माला बेचने वाले के पास मिले तीन मासूम, जांच और कार्रवाई में जुटी एएचटी यूनिट

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या, अमृत विचार। अयोध्या में सरयू किनारे गोलाघाट पर कंठी माला बेचने वाले एक शख्स के पास संदिग्ध हाल में तीन मासूम मिले है। शुरुआती जांच में मासूमों के परिवारजनों की जानकारी नहीं मिल पाई है और शख्स का दावा झूंठा साबित हुआ है। मामला बाल भिक्षावृत्ति से जुड़ा होने  की चर्चा है। फिलहाल मोहल्लेवालों की ओर से संदिग्ध समेत मासूमों को पुलिस के हवाले किए जाने के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट जांच और पड़ताल में जुट गई है।

गोलाबाजार निवासी पूर्व पार्षद रामभद्र शरण के शिष्य श्याम, अंकुर पांडेय व नारायण का कहना है कि हजारा मंदिर के निकट पटरी पर कंठी माला एवं चंदन की दुकान चलाने वाला जितेन्द्र उर्फ रंजीत मिश्रा दुलारे निवासी भांडिया थाना सिधौली जनपद सीतापुर तीन बच्चों लगभग 5 वर्षीय लड़की राधिका व लगभग 3 वर्षीय रागनी तथा लड़के लगभग 2 वर्षीय विष्णु को पीट रहा था, जिससे एक बच्चे का सिर फट गया। हम लोंगों तथा मोहल्लेवालों ने उसके इस कृत्य का विरोध किया तो वह मारपीट पर उतारू हो गया। तभी मामला कुछ संदिग्ध लगा और मासूमों का श्रीराम अस्पताल में दवा इलाज कराने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया गया। साथ ही अयोध्या कोतवाली को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के लिए तहरीर भी दी। मामला बच्चों से जुड़ा होने के चलते प्रकरण एएचटी के हवाले कर दिया गया। 

पूछताछ में शख्स ने तीन शादियां होने और बच्चों के खुद का होने की बात बताई, लेकिन तहकीकात में पता चला कि उसकी शादी ही नहीं हुई है। आशंका है कि वह कहीं से मासूमों को लाया है और यहां बाल भिक्षावृत्ति करवा रहा था। फिलहाल एएचटी यूनिट रिपोर्ट दर्ज कराने और तहकीकात में जुटी है। इस बाबत एएचटी यूनिट के सुरेंद्र सोनकर का कहना है कि अभी वह कार्रवाई में जुटे है। अभी कुछ भी बता नहीं सकते।


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