बरेली: जिले में बिलिंग पूरी नहीं, वसूली चाहिए 100 प्रतिशत...जानिए पूरा मामला

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

सात लाख उपभोक्ताओं में से ग्रामीण क्षेत्र में नहीं हो रही शत प्रतिशत बिलिंग

बरेली, अमृत विचार। जिले में ग्रामीण क्षेत्र में बिलिंग नहीं होने से उपभोक्ताओं को समय पर बिजली का बिल नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त ब्याज भी लग रहा है। शहरी क्षेत्र के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र में बिलिंग का प्रतिशत 100 से कम रहा रहा है, जबकि अधीक्षण अभियंता ने 100 प्रतिशत वसूली के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।

बिजली के बकाया बिल के लिए 1 से 25 तारीख तक बिल बनाकर सभी उपभोक्ताओं को देने का नियम है, लेकिन बिलिंग एजेंसी समय से उपभोक्ताओं के बिल नहीं बना पा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं के साथ एसडीओ और जेई को भी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।

जेई और एसडीओ पर उच्च अधिकारी 100 प्रतिशत वसूली का दबाव बनाते हैं। तो समय पर बिलिंग नहीं होने पर उपभोक्ताओं को भी अधिक रुपये देने पड़ रहे हैं। जुलाई और अगस्त में शहरी क्षेत्र की तुलना में ग्रामीण क्षेत्र में कम बिलिंग की गई है।

बिलिंग एजेंसी के कर्मचारी महीने के अंत में बिलिंग का टारगेट पूरा करने के लिए मीटर से रीडिंग बिना लिए ही बिल बनाना शुरू कर देते हैं। जिसके बाद उपभोक्ता अधिकारियों के पास अधिक बिल आने की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। अगस्त तक शहरी क्षेत्र 92 प्रतिशत तो ग्रामीण क्षेत्र में 76 प्रतिशत बिलिंग हो सकी है।

ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता
डिवीजन प्रथम-1 लाख 55 हजार, द्वितीय- 1 लाख 69 हजार, आंवला-1 लाख 2 हजार, बहेड़ी- 1 लाख 10 हजार

शहर क्षेत्र के उपभोक्ता
डिवीजन प्रथम -58 हजार, द्वितीय- 47 हजार, तृतीय- 58 हजार, चतुर्थ- 50 हजार

ग्रामीण क्षेत्र में बने बिल
आंवला में 82 हजार, बहेड़ी में 86 हजार, प्रथम में 1 लाख 16 हजार, द्वितीय में 1 लाख 22 हजार

शहरी क्षेत्र में बने बिल
डिवीजन प्रथम में 56 हजार, द्वितीय में 43 हजार, तृतीय में 52 हजार और चतुर्थ में 46 हजार

बिलिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। महीने के अंत तक 99 प्रतिशत बिलिंग होने की उम्मीद है। मीटर रीडरों को सभी उपभोक्ताओं की बिलिंग करने के लिए निर्देश दिए गए हैं---अशोक कुमार चौरसिया, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण।

यह भी पढ़ें- बरेली: नमाज के लिए बस रोकने के आरोप में निकाले गए परिचालक ने की आत्महत्या, ट्रेन के आगे कूदा

संबंधित समाचार