UP: 86.88 करोड़ से मनेगी पराग डेयरी की दीपावली, निजीकरण से पूर्व शासन जारी करेगा बजट, मिली मंजूरी, पढ़ें-पूरी खबर

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कानपुर में 86.88 करोड़ से पराग डेयरी की दीपावली मनेगी।

कानपुर में 86.88 करोड़ से पराग डेयरी की दीपावली मनेगी। निजी हाथों में जाने से पहले वर्ष 2008 से बकाया भुगतान चुकाया जाएगा।

कानपुर, [अभिनव मिश्र]। बदहाली का दंश झेल रही पराग डेयरी को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। लेकिन निजीकरण से पूर्व डेयरी संघ के नियमित कर्मचारियों, आउटसोर्सिंग कर्मियों समेत अन्य मदों का करीब वर्ष 2008 से बकाया 86.88 करोड़ रुपया चुकाया जाएगा। इसमें नियमित कर्मचारियों को बकाया 5.03 करोड़ व आउटसोर्सिंग के चार व नौ ठेका श्रमिक कर्मिकों को 65 लाख रुपये भुगतान होगा। कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। दीपावली से पूर्व भुगतान के लिए बजट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। 

साकेत नगर स्थित पराग डेयरी में पराग दूध व अन्य डेयरी उत्पादों के उत्पादन के लिए 25 एकड़ भूमि पर पराग प्लांट का प्रस्ताव पास हुआ था। इस प्लांट निर्माण का उद्देश्य दूध व अन्य डेयरी उत्पादों को शहर समेत कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज जनपद तक पहुंचाना था। 166 करोड़ की लागत से गुजरात की आईडीएमसी कंपनी ने प्लांट का निर्माण कार्य शुरु किया था। दूध व अन्य डेयरी उत्पादों के उत्पादन के लिए प्लांट में जापानी तकनीक की मशीनों को स्थापित कराया गया है।

वर्ष 2019 में प्लांट के निर्माण होने के बाद ट्रायल भी कराया जा चुका है। इसके बावजूद आज तक प्लांट की शुरुआत नहीं हो सकी है। बदहाली की कगार पर खड़े प्लांट को संचालित करने के लिए शासन ने प्लांट निजी हाथों में सौपने की तैयारी की है। इसके साथ ही डेयरी संघ पर वर्ष 2008 से कर्मचारियों के वेतन, किसानों की देयता, परिवहनकर्ताओं की देयता, विद्युत बिल, सुरक्षा व्यय, नगर निगम, जल निगम, प्रदषूण नियंत्रण बोर्ड समेत अन्य विभागों का करीब 86.88 करोड़ रुपये बकाया है, जिसका भुगतान जल्द होगा।

डेयरी संघ के प्रभारी प्रशासन दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में तय हुआ है कि दुग्ध संघ को निजी हाथों में सौंपने से पूर्व बकाया राशि का शासन भुगतान करेगा। इसके बाद ही डेयरी संघ को 10 सालों की लीज पर प्लांट सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि कैबिनेट की बैठक में डेयरी संघ को निजी कंपनियों को सौंपने का 84 दिन में सौंपने का समय दिया गया है। इसके पूर्व  पिछले बकाया का भुगतान कराया जाएगा। 

मद                              बकाया
1-किसानों का भुगतान    3.99 करोड़
2-नियमित कर्मचारी         5.03 करोड़
3-आउटसोर्स व ठेका श्रमिक    65 लाख
4-परिवहनकर्ता            2.15 करोड़
5-बिजली व ईंधन         32 लाख
6-पैकिंग मैटेरियल        8 लाख
7-सुरक्षा व्यय            24 लाख
8-मशीनों की मरम्मत        6 लाख
9-अन्य देय            74.36 करोड़

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