Kanpur Nagar Nigam के सर्वे में खुली स्वच्छ भारत मिशन की पोल, गंदगी और सड़ांध से भरे सामुदायिक शौचालय

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कानपुर नगर निगम के सर्वे में स्वच्छ भारत मिशन की पोल खुली।

कानपुर नगर निगम के सर्वे में स्वच्छ भारत मिशन की पोल खुली। गंदगी और सड़ांध से सामुदायिक शौचालय भरे पड़े है।

कानपुर, [अभिषेक वर्मा]। शहर में अधिकतर सामुदायिक शौचालय जर्जर, बदहाल और सड़ांध से भरे हैं। राहगीरों और मलिन बस्तियों के लोगों को खुले में शौच से रोकने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालयों की हालत भी बदतर है। कहीं सीट टूटी हैं, तो कहीं पानी की सुविधा नहीं है। ऐसा हम नहीं, नगर निगम की रिपोर्ट कह रही है। निगम द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार शहर में बने 96 सामुदायिक शौचालय पूरी तरह जर्जर हैं, जबकि 62 शौचालयों में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। यह रिपोर्ट ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और स्वच्छता सर्वेक्षण पर कालिख पोत रही है। 

नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से शहर में सामुदायिक शौचालयों की हालत ऐसी है, कि लघुशंका तक के लिए नाक पर रुमाल रखकर घुसने के बाद उल्टे पांव लौटना पड़ता है। नगर आयुक्त के निर्देश पर सभी जोनों में कराए गए सर्वे के अनुसार जोन-दो और जोन-छह में सार्वजनिक शौचालयों की हालत सबसे ज्यादा खराब है।

रिपोर्ट के अनुसार जोन 2 में 41 ऐसे शौचालय मिले हैं जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। जोन छह में 21 ऐसे शौचालय मिले हैं, जिनमें पानी की सुविधा नहीं है। इस कारण शौचालय बंद पड़े हैं। सफाई न होने से ये शौचालय सड़ांध मार रहे हैं।  की

बंद पड़े हैं दर्जनों शौचालय

शहर में ज्यादातर शौचालय या तो बंद पड़े हैं या सुविधाओं के मोहताज हैं। सिविल लाइंस में एक शौचालय डेढ़ साल से बंद है। इसके बाहर पर्ची चिपकी हुई है कि सीवर लाइन खराब होने की वजह से शौचालय बंद कर दिया गया है। इसी तरह जेके टेंपल के पीछे शिवराज सिंह का पुरवा में बस्ती के लोगों के लिए दो सार्वजनिक शौचालय बने हैं। लेकिन दोनों ही शौचालय बंद कर दिए गए हैं। 

क्षेत्रीय निवासी राकेश ने बताया कि एक शौचालय ढाई साल पहले बंद हुआ था, तो दूसरा पिछले साल बंद हो गया। उन्होंने बताया कि एक शौचालय की सीवर लाइन बगल में बने जेके स्कूल में खोल दी गई थी। जिससे गंदगी वहां जाती थी। स्कूल में महामारी फैलने के डर से स्कूल प्रशासन ने सीवर लाइन को बंद कर दिया, इसके बाद से किसी ने शौचालयों की सुध नहीं ली है। दूसरे शौचालय की सीवर लाइन खुली थी जिससे पानी सड़क पर गंदा पानी बहता था।

इन मोहल्लों में नाक बंद करके लोग जाते शौचालय

चटाई मोहाल, कलक्टरगंज, हरवंश मोहाल, सिविल लाइंस, परेड, रायपुरवा, अनवरगंज, सीसामऊ, ओमपुरवा, चकेरी, नौबस्ता हंसपुरम, जाजमऊ, सफीपुर, किदवई नगर सब्जीमंडी, टीपी नगर, अजीतगंज, अशोक नगर, जवाहर नगर, बिनगवां, कर्रही, ग्वालटोली, सूटरगंज, फजलगंज, स्वराज नगर, नारामऊ, ख्योरा, अंबेडकर नगर काकादेव।

मुख्य अभियंता सिविल को जर्जर शौचालयों को दुरुस्त करने और पानी का इंतजाम कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं।- शिवशरणप्पा जीएन, नगर आयुक्त

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