Kanpur: चार माह पहले हुआ योजना में फर्जीवाड़ा, सामूहिक विवाह समारोह में शामिल जोड़ों से की पूछताछ, जानें- मामला
कानपुर में सामूहिक विवाह समारोह में शामिल जोड़ों से की पूछताछ।
कानपुर में सामूहिक विवाह समारोह में शामिल जोड़ों से पूछताछ की। चार माह पहले योजना में फर्जीवाड़ा हुआ था। जांच टीम ने बांटे गए सामान की फोटो ली।
कानपुर, अमृत विचार। समाज कल्याण निदेशालय की टीम ने सोमवार को समाज कल्याण कार्यालय पहुंचकर चार माह पूर्व सामूहिक विवाह योजना में हुए फर्जीवाड़े की जांच की। संयुक्त निदेशक एसके विशेसन व उप निदेशक आरपी सिंह ने समारोह में बांटे गए सामान की फोटो ली। इसके साथ ही जितने जोड़ों की शादी हुई थी, उनके अभिलेख कब्जे में लिए। टीम ने दोपहर बाद सरसौल ब्लाक जाकर शादी में शामिल जोड़ों से पूछताछ की।
समाजकल्याण विभाग की तरफ से फरवरी माह में सामूहिक विवाह समारोह में 913 जोड़ों की शादी करायी गई थी। प्रत्येक जोड़े को 35 हजार रुपये की किस्त और 10 हजार का सामान दिया गया था। सामान देने के लिए मुरादाबाद की फर्म छवि इंटरप्राइजेज को टेंडर दिया गया था। फर्म ने समारोह में घटिया सामान बांट दिया था।
बिछिया और पायल में चांदी कम, सामान भी घटिया बांटा
सामूहिक विवाह योजना में घोटाले का खुलासा तब हुआ था जब सीडीओ सुधीर कुमार ने जोड़ों को वितरित किए गए सामान की जांच करायी थी। जांच में बिछिया में 42 फीसदी और पायल में 32 फीसदी चांदी निकली थी। अन्य सामग्री भी घटिया मिली थी। जिलाधिकारी ने घटिया सामान देने पर फर्म के भुगतान पर रोक लगा दी थी।
913 जोड़ों को 87.06 लाख रुपये का सामान दिया जाना था, लेकिन जिलाधिकारी ने जांच टीम से सामान की वास्तविक कीमत का आकलन कराकर 63.36 लाख रुपये का फर्म को भुगतान कराया था। फर्म को ब्लैक लिस्ट करके तत्कालीन समाजकल्याण अधिकारी प्रज्ञा पाण्डेय ने नवाबगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
