लखनऊ: बिल्डर मानचित्र से नहीं कर पाएंगे छेड़छाड़, रियल एस्टेट परियोजना के नक्शे राजस्व से होंगे सुपर इम्पोज
रेरा ने फर्जीवाड़ा रोकने को लिया फैसला, 13 शहर किए शामिल
लखनऊ, अमृत विचार। अब बिल्डर रियल इस्टेट परियोजनाओं के स्वीकृत मानचित्र से छेड़छाड़ नहीं कर पाएंगे न किसी दूसरे गाटा में निर्माण कर सकेंगे। जिससे विवाद की स्थिति और फर्जीवाड़ा होता आ रहा है। इसे रोकने के लिए रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने परियोजनाओं के मानचित्र राजस्व विभाग से सुपर इम्पोज करने का निर्णय लिया है।
प्राधिकरण में इस तरह के विवाद आने पर रेरा बिल्डर के मानचित्र और राजस्व के मानचित्र को आपस में रखकर मैच (सुपर इम्पोज) कर जांच करेगा और अंतर मिलने पर अवैध निर्माण मानकर कार्रवाई करेगा। बिल्डर ने जो अपनी परियोजना के स्वीकृत मानचित्र व अभिलेख रेरा में जमा किए होंगे उसी के अनुसार निर्माण करने के लिए बाध्य होगा। शुक्रवार को शहर के न्यू हैदराबाद स्थित मुख्यालय पर बैठक में यह निर्णय लिया गया।
जीआईएस आधारित मास्टर प्लान वाले 13 शहर चयनित
सचिव प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बताया कि प्रथम चरण में यह प्रक्रिया ग्लोबल इनफार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) बेस्ड मास्टर प्लान वाले 13 शहरों में लागू होगी। जिसमें 'रिमोट सेंसिंग' की सटीक तकनीकी का उपयोग कर परियोजना के मानचित्र को राजस्व विभाग के मानचित्र के ऊपर रखकर सुपर इम्पोजन यानी मिलान किया जाएगा। इससे जो भी बदलाव होगा वह स्पष्ट पता चल जाएगा। दूसरे चरण में सभी शहरों में यह व्यवस्था प्राधिकरण लागू करेगा।
वित्तीय संस्थाओं से भी बैंक खातों की सूचनाएं प्राप्त करेगा रेरा
रियल एस्टेट परियोजनाओं से संबंधित बैंक खातों की सूचना उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बिल्डर के साथ-साथ वित्तीय संस्थानों एवं बैंकों की भी होगी। इसके लिए एक गाइडलाइन बनाई जा रही है। जिसका क्रियान्वयन स्टेट लेवल बैंक कमेटी को भेजा जाएगा। चेयरमैन ने बैठक बताया कि बिल्डर को मानक निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत किसी परियोजना के लिए तीन बैंक खाते खोलने होते हैं। लेकिन सूचना अपलोड नहीं करते न नियमों का पालन करते हैं। लेकिन, अब मनमानी नहीं चलेगी।
रेरा ने वित्तीय संस्थाओं को यह जिम्मेदारी दी है। इसमें बिल्डर बैंक में सभी तीन बैंक खाते खोलने के साथ वित्तीय संस्थान व बैंक को स्थायी सलाह भी देगा कि प्रोजेक्ट कलेक्शन अकाउंट में धनराशि आते ही 70 प्रतिशत स्वतः सेपरेट अकाउंट में और शेष एकस्पेंडीचर अकाउंट हस्तान्तरित कर दी जाए।
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