अमरोहा : अपहरण कर किशोरी से दुष्कर्म के दोषी मामा को 10 वर्ष की सजा, 50,000 का लगाया जुर्माना

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Edited By Amrit Vichar
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अमरोहा, अमृत विचार। बहनोई के भाई की नाबालिग बेटी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म के नौ साल पुराने मामले में अदालत ने रिश्ते के मामा को 10 वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50,000 का जुर्माना भी लगाया है। इनमें 30,000 रुपये पीड़ित किशोरी को देने होंगे। इस मामले में आरोपी को जमानत मिल गई थी, लेकिन एक साल पहले लव जिहाद के मामले में गजरौला पुलिस ने उसे जेल भेजा था।
  
रहरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान के परिवार में पत्नी और चार बच्चे हैं। किसान के भाई की मौत के बाद उसका साला अपनी बहन के पास रहता था। बताया गया कि नौ साल पहले 28 दिसंबर को किसान की 15 वर्षीय बेटी पशु को चारा डालने गई थी। इस बीच किसान के मृतक भाई का साला किशोरी को अपने साथ बहला फुसलाकर ले गया था। परिवार के लोगों ने किशोरी की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। बाद में पता चला कि किसान के मृतक भाई का साला नईम उसकी बेटी को अपने साथ ले गया।

बाद किसान ने आरोपी नईम के खिलाफ बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पांच जनवरी 2015 को पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया था। बाद में आरोपी को गिरफ्तार किया था। पीड़िता ने बयान में आरोपी नईम पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। इस आधार पर पुलिस ने विवेचना में दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाकर कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल की थी। मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम डॉ. कपिला राघव की कोर्ट में चल रहा था। जून 2022 में गजरौला थाना पुलिस ने नईम को लव जिहाद से जुड़े अन्य मामले में गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था। तभी वह जेल में है। 

शनिवार को कोर्ट ने किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म के मामले में आखिरी सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी ने मजबूत पैरवी की। पत्रावली के अवलोकन व साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने दुष्कम के मामले में नईम को दोषी ठहराया। कोर्ट ने उसे 10 साल की सजा सुनाई। इसके अलावा उस पर 50,000 का जुर्माना भी लगाया है।

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