बरेली: अब पराली से आय बढ़ाएंगे किसान

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बरेली,अमृत विचार। खेतों में जलने वाली पराली अब पशुओं का चारा बनाने के काम आएगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी। बल्कि पशुओं को पौष्टिक चारा भी मिलेगा। इससे दुधारू पशुओं के दूध देने की क्षमता भी बढ़ जाएगी। प्रदूषण पर अंकुश लगाने और पराली के उपयोग के लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू …

बरेली,अमृत विचार। खेतों में जलने वाली पराली अब पशुओं का चारा बनाने के काम आएगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी। बल्कि पशुओं को पौष्टिक चारा भी मिलेगा। इससे दुधारू पशुओं के दूध देने की क्षमता भी बढ़ जाएगी।

प्रदूषण पर अंकुश लगाने और पराली के उपयोग के लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। अफसरों के मुताबिक एनजीटी की सख्ती पर खेतों में किसानों के लिए जी का जंजाल बनी पराली के लिए अनोखा प्रयोग होने जा रहा है। इस काम में मनरेगा, राज्यवित्त आयोग बजट देगा, वहीं पशुपालन विभाग खेतों से पराली की ढुलाई का काम करेगा।

गन्ना विभाग को जिले के खेतों में फैली पराली की सर्वे रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजने के लिये कहा गया है। डीडी कृषि अशोक यादव ने बताया शासन से मिले आदेश के बाद सीवीओ को पत्र भेजकर पराली को खेतों से उठवाने की व्यवस्था करने की कहा गया है।

कम होती जाती है जमीन की उर्वरता
कृषि विशेषज्ञ कुलदीप विश्नोई बताते हैं पराली जलाने से केवल वायु प्रदूषण ही नहीं बल्कि जमीन में नाइट्रोजन,फास्फोरस, सल्फर एवं पौटेशियम जैसे पोषक तत्वों के अलावा जमीन की उर्वरता कम हो जाती है। ऐसे में किसान खेतों में उत्पादकता बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरक का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इससे उनकी लागत भी बढ़ती है। नई व्यवस्था किसानों को परेशानी से छुटकारा दिलाने के साथ ही उनकी आमदनी का जरिया बन सकती है।

मंगाई जाएगी बेलर मशीन
पराली कटान के लिए बेलर मशीन मंगाई जाएंगी। किसानों को इसके फायदे एवं पराली के निपटारे के गुण भी बताए जाएंगे ताकि भविष्य में जिले के किसान भी पराली को जलाकर प्रदूषण फैलाने की जगह उससे कमाई कर सकें। कृषि अफसरों के मुताबिक यह बेलर मशीन खेतों की पराली को खुद से काटकर उसके रोल बना देती है और एक दिन में करीब 60 से 70 एकड़ रकबे की पराली का निपटारा कर सकती है।

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