Kanpur Jail में बंद कैदी जूट का सामान बनाना सीखेंगे, कौशल विकास मिशन के तहत शुरू होगी कक्षाएं, ऐसे हुआ चयन
कानपुर जेल में बंद कैदी जूट का सामान बनाना सीखेंगे।
कानपुर जेल में बंद कैदी जूट का सामान बनाना सीखेंगे। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत कक्षाएं शुरू होगी। 105 कैदी जूट के पर्स, बैग और सजावटी सामान बनाना सीखेंगे।
कानपुर, [राजीव त्रिवेदी]। जिला कारागार में बंदी और कैदी जूट के बने उत्पादों को बनाना सीखेंगे। इसके लिए जल्द ही जेल के भीतर कक्षाएं संचालित होंगी। प्रशिक्षण के दौरान कैदियों को प्रशिक्षक जूट के बैग,पर्स और अन्य सजावटी सामान बनाना सिखाएंगे। जेल में प्रशिक्षण के लिए 105 कैदियों को चुना गया है। खास बात यह है कि जेल में लगने वाली कक्षाओं के लिए इन कैदियों को बॉयोमैट्रिक उपस्थिति भी लगानी होगी।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से यह कक्षाएं संचालित कराई जा रही है। कक्षाओं के लिए रोजाना मिशन के शिक्षक जेल में जाकर कैदियों को पढ़ाई कराएंगे। कैदियों को यह प्रशिक्षण हैंडी क्रॉफट एण्ड कॉरपेट ट्रेड के तहत दिया जा रहा है। मिशन से जुड़े प्रशिक्षकों का मानना है कि इससे जेल में बंद कैदी बाहर आकर अपने जीवन की नए सिरे से शुरूआत कर सकते हैं।
खास बात यह है कि कैदियों को प्रशिक्षण के दौरान बिल्कुल मिशन के अन्य प्रशिक्षण संस्थानों की ही तरह माहौल दिया जाएगा। इसके अलावा इस प्रशिक्षण के दौरान कैदियों को जूट के उत्पादों के बाजार को भी विस्तार से समझाया जाएगा।
जेल में चलने वाली कक्षाओं के बारे में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक डॉ. नरेश कुमार ने जानकारी दी कि मिशन की ओर से जल्द ही जेल में कक्षाओं का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। इसके लिए जिला कारागार में सभी तरह की तैयारियां पूरी हो चुकी है। शिक्षकों के नामों का चयन भी कर दिया गया है। कक्षाओं के लिए जेल में अलग स्थान भी बनाया गया है।
बॉयोमैट्रिक उपस्थिति भी लगेगी
मिशन के जिला प्रबंधक संजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि मिशन की कक्षाओं में आने वाले बंदी और कैदियों के लिए जेल में बाकायदा उपस्थिति दर्ज कराई जाएगी। यह उपस्थिति बॉयोमैट्रिक होगी। उपस्थिति 70 फीसदी होने के बाद ही इन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
उत्पाद को बेचना भी सिखाया जाएगा
कैदियों को उत्पादों को बनाए जाने के साथ ही उन्हें उत्पादों से जुड़ी अन्य जानकारी भी विशेषज्ञों की ओर से दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान सेल्स और मार्केटिंग के अलावा जूट उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों को भी प्रशिक्षण के दौरान समय-समय पर शामिल किया जाएगा। यह विशेषज्ञ कैदियों को उत्पादन का बाजार, खरीदार, डिजाइन का चयन, उत्पादन का मूल्य निर्धारित करना, जूट के उत्पादन से पहले कच्चे माल की खरीदारी,बेहतर जूट की पहचान करना व प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी जूट के उत्पादों की जानकारी देंगे। इसके अलावा कैदियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया जाएगा।
ऐसे हुआ चयन
जेल के भीतर कक्षाओं के लिए र्कैदियों का बाकायदा चयन किया गया। इस चयन में सबसे पहले प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए कैदियों की रुचि जानी गई। रुचि क अनुसार जिन कैदियों ने प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए हामी भरी उन्हें प्रशिक्षण में शामिल किया गया। इन कैदियों को प्रशिक्षण के बाद काकायदा प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
