बरेली: B.ED अभ्यर्थियों ने प्राथमिक शिक्षा विभाग में पुनर्बहाल करने को लेकर दिया ज्ञापन

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। बीएड अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षा विभाग में पुनर्बहाल करने हेतु अध्यादेश बिल को अविलंब पारित किये जाने के को लेकर आज बीएड अभ्यर्थियों ने मानव संसधान विकास मंत्रालय भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में प्रेषित किया।

इस दौरान ज्ञापन देने आए  B.Ed अभ्यर्थियों ने  बताया देश के करोड़ों बीएड अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) और भारत सरकार के द्वारा 28 जून 2018 को जारी आधिकारिक राजपत्र के अनुसार ही अपनी बीएड डिग्री पूरी कि है।

उक्त राजपत्र के अनुसार बीएड अभ्यर्थी भी देश के प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 5 तक) के शिक्षक बनने की पूरी योग्यता रखते हैं। इस राजपत्र के आधार पर ही KVS, NVS सहित विभिन्न राज्यों की प्राथमिक शिक्षक भर्ती (PRT) में लाखों की संख्या में बीएड अभ्यर्थी शिक्षक पद पर वर्षों से कार्यरत हैं।

लेकिन 11 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट  सर्वोच्च ने  NCTE के उक्त राजपत्र को असंवैधानिक करार देने वाले राजस्थान हाईकोर्ट के 25 नवंबर 2021 के निर्णय को ही मान्य कर दिया है। यानी कि NCTE के उक्त गैजेट को पूर्ण रूप से खारिज कर NCTE और भारत सरकार के कार्यनीतियों व विश्वसनीयता पर ही बुनियादी व गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।


सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से देशभर के हम सभी करोड़ों बीएड अभ्यर्थियों के प्राथमिक शिक्षक बनकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के सपनों पर कठोर वज्रपात हुआ है। हम सभी ने उक्त संवैधानिक राजपत्र के आधार पर ही बीएड डिग्री हासिल कि थी।

ताकि देश के शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद यानी प्राथमिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर शिक्षा की नींव मजबूत किया जा सकें। लेकिन दुःख इस बात का है कि हम करोड़ों बीएड अभ्यर्थियों में शिक्षक बनने के सपनों पर ही संस्थागत हमला हो गया है।

भारत सरकार के राजपत्र रद्द मामले पर उच्चतम न्यायालय में ही प्राप्त संवैधानिक अधिकार के तहत पुनर्विचार याचिका दाखिल कर पुनः विधिवत व तर्कपूर्ण सुनवाई कराई जाए। साथ ही KVS, BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा सहित सभी प्रक्रियाधीन भर्तियों में बीएड अभ्यर्थियों के लाखों संख्या में आवेदन व प्रतिभाग का ख्याल करते हुए अवसर की समानता के तहत PRT में बीएड डिग्री पुनर्बहाली होने तक भर्तियों के इंटरव्यू व अंतिम सिलेक्शन परिणाम पर रोक लगाया जाए।

NCTE, शिक्षा मंत्रालय और भारत सरकार मिलकर बीएड डिग्री को देशभर के प्राथमिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षक बनने की बीएड डिग्री योग्यता हमेशा के लिए सुनिश्चित करने वाला अध्यादेश बिल अविलंब पारित कर देश के करोड़ों बीएड अभ्यर्थियों के साथ इंसाफ करेंगे। इस अध्यादेश के तहत जारी होने वाले नए संवैधानिक राजपत्र द्वारा बीएड अभ्यर्थियों के दिलों में भी प्राथमिक शिक्षक बनने की उम्मीद को पुनः जिंदा किया जाए।

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