अयोध्या: बाड़बंदी में फैलाए गए करंट से युवक की मौत
अयोध्या, अमृत विचार। जनपद के इनायतनगर थाना क्षेत्र में एक युवक की छुट्टा पशुओं से फसल को बचाने के लिए कंटीले तार की बाड़बंदी में फैलाए गए करंट की चपेट में आकर शनिवार को मौत हो गई। हादसे से नाराज स्थानीय तथा निषाद समाज के लोगों ने आर्थिक मुआवजा और कार्रवाई की मांग को लेकर …
अयोध्या, अमृत विचार। जनपद के इनायतनगर थाना क्षेत्र में एक युवक की छुट्टा पशुओं से फसल को बचाने के लिए कंटीले तार की बाड़बंदी में फैलाए गए करंट की चपेट में आकर शनिवार को मौत हो गई। हादसे से नाराज स्थानीय तथा निषाद समाज के लोगों ने आर्थिक मुआवजा और कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस को शव को नहीं उठाने दिया और प्रदर्शन किया। बाद में मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने समझा-बुझाकर और मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बताया गया कि बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के गांव रुरुखास केवटहिया का रहने वाला 32 वर्षीय रमेश निषाद पुत्र राम कलप सुबह किसी काम से पड़ोस में ही इनायत नगर थाना क्षेत्र स्थित चंदीपुर नगहरा मगन का पुरवा गया था। इसी दौरान वह खेत की बाड़बंदी में फैले करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हादसे की खबर पर परिवार तथा समाज के लोग आक्रोशित हो गए और मौके पर पहुंची पुलिस को शव को कब्जे में नहीं लेने दिया। आक्रोशित लोग मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक बिजली विभाग का कोई सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो ग्रामीण शव को रुरुखास केवटहिया गांव ले आए और विद्युत विभाग के सक्षम अधिकारी के आने और विभाग से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तक शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को न दिये जाने की जिद पर अड़े रहे। इसको देखते हुए मौके पर सीओ बीकापुर व मिल्कीपुर के साथ बीकापुर, इनायत नगर, पूराकंलदर, तारुन सहित कई थानों की फोर्स बुला ली गई।
मौके की नजाकत भांप बीकापुर एसडीएम दिग्विजय प्रताप सिंह व अपर पुलिस अधीक्षक देहात एसके सिंह मौके पर पहुंचे और कई चक्र वार्ता की। विद्युत विभाग के एसडीओ ने तीनों बच्चों को 10 हजार की मदद की, लेकिन गतिरोध बरकरार रहा। बाद में एसडीएम ने निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष आशाराम निषाद व लक्षमन निषाद से डीएम अनुझ कुमार झा की वार्ता कराई।
डीएम की ओर से मृतक के बच्चों को ढाई-ढाई हजार रुपए हर माह दिलाने, लिखा पढ़ी के बाद सरकारी लाभ दिलाने व कार्रवाई के आश्वासन पर आठ घंटे बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस के हवाले किया गया।
