बरेली: रात में गिरा स्कूल के कक्ष का लिंटर, दिन में होता हादसा तो बच्चों की जान पर बन आती

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। बारिश के चलते शहर में जर्जर परिषदीय स्कूलों के भवन दरकने लगे हैं। मंगलवार रात एक विद्यालय के कक्ष का लिंटर गिर पड़ा। अगर यह हादसा कहीं दिन में होता तो बच्चों की जान पर बन आती।

मामले में बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल विद्यालय का निरीक्षण कर बच्चों को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। कई परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं जो गिरताऊ हाल में हैं, मगर उन विद्यालयों के बच्चों को दूसरे विद्यालयों में शिफ्ट नहीं किया गया है। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है, मगर अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

साहूकारा नवीन स्थित प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापक शकुंतला ने बताया कि बुधवार सुबह वह निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचीं तो एक कक्ष में लिंटर का मलबा गिरा हुआ था। दिन में शिक्षण अवधि के दौरान यह मलबा गिरता तो निश्चित रूप से अप्रिय घटना हो सकती थी।

बताया कि भवन के ऊपरी मंजिल का हिस्सा करीब दो साल पहले ही पूरी तरह खंडहर हो चुका है। नीचे का भी करीब 80 फीसदी भाग बेहद जर्जर है। बारिश के दिनों में लिंटर से पानी बहता रहता है। बच्चों काे सुरक्षित नजदीक के स्कूल में शिफ्ट करने या भवन की मरम्मत कराने को लेकर कई बार बीएसए से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कदम विभाग की ओर से नहीं उठाया गया है। विद्यालय में करीब 150 बच्चे पंजीकृत हैं।

ये लापरवाही, कहीं भारी न पड़ जाए
जर्जर स्कूल में मलबा गिरने की सूचना पर बीएसए संजय सिंह तिलमिला उठे और दफ्तर में ही संबंधित पटल कर्मी को बुलाकर फटकार लगाई। कहा कि अति जर्जर स्कूल के बच्चों को अन्य नजदीक के स्कूलों में शिफ्ट कराने के लिए पहले ही निर्देश दिए गए हैं। बताया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी दशा में खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एक हफ्ते के भीतर जर्जर स्कूल के बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करा दिया जाएगा।

इन स्कूलों की हालत ज्यादा खराब
शहर में 30 परिषदीय स्कूल ऐसे हैं, जिनके भवनों की स्थित बेहद खराब है। हालांकि, पिछले शिक्षण सत्र में करीब 17 स्कूलों को शिफ्ट कराया गया था। कोहाड़ापीर कंपोजिट स्कूल, काजी टोला कंपोजित उच्च प्राथमिक स्कूल, सुभाषनगर प्राथमिक स्कूल ,सर्निया प्राथमिक स्कूल,आईवीआरआई कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय, बिहारकला प्राथमिक स्कूल, हारूनगला उच्च प्राथमिक स्कूल, रोहिली टोला प्राथमिक स्कूल आदि में कमरे, शौचालय, चारदीवारी की स्थित बहुत खराब है।

ये भी पढे़ं- आयुष्मान भवः अभियान के तहत 17 से चलेगा सेवा पखवाड़ा

 

संबंधित समाचार