सतर्कता के साथ टीकाकरण से लंपी रोग पर लगेगा अंकुश: जिलाधिकारी
प्रतापगढ़ अमृत विचार। मवेशियों में तेजी से फैल रही लंपी बीमारी के रोकथाम के लिए प्रयास बढ़ा दिए गए हैं। पूर्वांचल में प्रयागराज और गोरखपुर मंडल को रेड जोन में ररखे जाने से परेशान होने की जरूरत नहीं है। सतर्कता के साथ टीकाकरण करके इस रोग पर अंकुश लगाया जा सकता है। उक्त बातें बुधवार को कलेक्ट्रेट के मानस सभागार में जिलाधिकारी प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता में कहीं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 2.25 लाख मवेशी हैं,इसके सापेक्ष में एक लाख से अधिक टीके जनपद को प्राप्त हो चुके हैं। टीके की मांग बढ़ाई गई है। कुल लंपी के कुल 344 केस मिले जिसमें 253 ठीक हो गए हैं। पशुओं के संक्रिमत होने पर उसे अन्य जानवारों से अलग रखें और पशु चिकित्सक की सलाह लें। टीकाकरण कराएं। 17 ब्लाकों में 34 टीमें और 11 मोबाइल टीमें सक्रिय हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. बीएस यादव ने बताया कि मच्छर और मक्खी के काटने से यह रोग होता है। जहां मवेशी बांधे जाते हैं, वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। संक्रमित मवेशी के घाव पर नीम की पत्ती, मेहंदी की पत्ती, लहसुन, हल्दी पाउडर को नारियल तेल में लेप बनाकर लगाएं और नीम के सूखे पत्ते का धुआं करें।
लंपी रोग के विषाणु से मनुष्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इस रोग से मवेशियों की मौत दर भी बहुत कम है। टोल फ्री नंबर 1962 पर काल करके इसके बारे में जानकारी और बचाव के तरीके समझे जा सकते हैं। इससे सम्बंधित केस मिलने या जानकारी के लिए कंट्रोल रूम के नम्बर 9450197327 या सीवीओ के नम्बर 9454732797 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
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