बाढ़ नहीं बारिश के पानी से लखनऊ के 30 मोहल्लों में भरा पानी
लखनऊ, अमृत विचार। सिंचाई जलसंसाधन विभाग शारदा सहायक परियोजना के अधिकारियों की ओर से गोमती नदी में बाढ़ से बचाव को लेकर पुख्ता तैयारी की गई । गोमती बैराज पर दस में 3 गेट खोल दिये गये हैं जिससे कि जलस्तर बढ़ने पर पानी की निकल सके।
सिंचाई अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर मेन्टेन रहा। शारदा सहायक के चीफ इंजीनियर ए के सिंह ने बताया कि बुधवार को गोमती नदी का जलस्तर 105.20 मीटर दर्ज किया गया है। जो कि खतरे के निशान से 4.30 मीटर नीचे बह रहा है।
उन्होंने बताया कि खतरे का निशान 109.50 मीटर पर होता है। बाढ़ को लेकर सिचाई विभाग की टीम की ओर से जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रति घंटे जलस्तर का लेबल नापा जा रहा है। उनके मुताबिक बीते 11 सितंबर के बजाय गोमती नदी का जलस्तर 0.60 मीटर घटा है। बाढ़ की संभावना को देखते हुये 26 बाढ़ नियंत्रण चौकियों को सतर्क किया गया है।
शारदा सहायक के अधिशाषी अभियंता शतप्रित के मुताबिक बीते दिनों में हुई बारिश से गोमती नदी के तटीय 30 मोहल्लों में पानी भर गया है जिसको निकाला जा रहा है। यह बारिश का पानी है जिससे तराई क्षेत्रों में जलजमाव हो गया है।
नदी के तटवर्ती और तराई के गांवों में संभावित जल भराव से निपटने की तैयारियां तेज की गई है। क्षेत्र के नदी के तलहटी गांवों का निरीक्षण भी किया है। उन्होंने प्रधान व लेखपाल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। कहा कि अभी तक बाढ़ की विकट स्थिति कहीं भी नहीं है। तलहटी इलाकों में रहने वालों के यहां खेतों में पानी आ गया है।
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