लाइट मेट्रो: नगर निगम से नहीं मिली सीएमपी, कैसे बने डीपीआर
बरेली, अमृत विचार। शहरवासियों को मेट्रो की सवारी जल्द करने को मिले, इसके लिए नगर निगम के अफसर संजीदा नहीं दिख रहे हैं। अब तक कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) नगर निगम से नहीं मिलने की वजह से कार्यदायी संस्था राइट्स डीपीआर बनाने का काम नहीं शुरू कर सकी है। सीएमपी में शहर में यातायात व्यवस्था के लिए खींचे गए प्लान को देखने के बाद ही राइट्स कंपनी डीपीआर तैयार करेगी।
पिछले साल शासन ने बरेली समेत छह शहरों में लाइट मेट्रो चलाने की मंजूरी दी थी। जिसके बाद बीडीए ने राइट्स कंपनी के विशेषज्ञों को 1.16 करोड़ रुपये में डीपीआर बनाने की मंजूरी दी है। अधिकारियों के अनुसार डीपीआर में मेट्रो के रूट, स्टेशन, बोगी में यात्रियों की क्षमता, मेट्रो का कुल बजट, प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला संभावित धन, लोन समेत अन्य पहलुओं को शामिल किया जाना है। जनवरी तक इसे तैयार करने की योजना है।
कार्यदायी संस्था ने प्राथमिक सर्वे भी कर लिया है, लेकिन सीएमपी के बिना उसे अधिकृत रूप नहीं दिया जा सकता। नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो सीएमपी रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। जिसे जल्द बीडीए को भेज दिया जाएगा।
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