शाहजहांपुर: दिनभर हुई ताजिएदारी, अंटा चौराहा करबला में किए दफन
ढोल बाजे के साथ निकाले गए चेहल्लुम के ताजिए
शाहजहांपुर, अमृत विचार। गुरुवार को शहर में चेहल्लुम के ताजिए घुमाने और दफन करने का सिलसिला चला। अलग-अलग मोहल्लों से ताजियों को वाहनों पर रखकर ढोल बाजे के साथ पूर्व निर्धारत रास्तों से घुमाते हुए अंटा चौराहा स्थित चमकनी करबला में लाया गया, जहां अकीदत के साथ ताजिए दफना दिए गए।
चेहल्लुम पर ताजिएदारी की परंपरा बहुत पुरानी है। मुस्लिम समाज ने भारी-भरकम ताजियों को चौपहिया ठेलों पर रखकर शहर में निकाला। उनके आगे बड़े-बड़े ढोल और मैटाडोर पर लाउडस्पीकर लाद कर नाते पढ़ी गईं। पैगंबर साहब की याद में मुस्लिम समाज ने खूब ताजिएदारी की। जगह-जगह सबीलें भी लगाई गईं और लंगर तकसीम किए गए।
ताजियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिसबल भी तैनात रहा। शहर के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से ताजिए परंपरागत ढंग से निकाले गए। ढोल बाजों से वातावरण गूंजता रहा। इस अवसर पर अंटा चौराहा क्षेत्र में मेला भी लगा, जिसमें बच्चों ने झूलों और बड़ों ने हलवा-पराठा आदि का आनंद लिया। ताजियों के लिए अंटा चौराहा जाने वाले मार्ग बंद कर दिए गए थे, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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