बरेली: फर्जी दस्तावेज के जरिए चोरी किए ट्रकों को बेचने वाले तीन गिरफ्तार

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली/बहेड़ी, अमृत विचार। बहेड़ी पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर ट्रकों की खरीद-फरोख्त करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर चार ट्रक बरामद किए हैं। इस गिरोह के अब तक करीब 25 ट्रकों की अलग-अलग जगह से चोरी करने का पता चला है।

चोरी किए ट्रकों के हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों के आरटीओ की साठगांठ से फर्जी दस्तावेज बनवाकर उन्हें बेच दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में दो रामपुर और रामनगर (उत्तराखंड) का है। गिरोह के फरार हुए पांच और सदस्यों की तलाश की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के बारे में सूचना मिलने के बाद एक टीम गठित की गई थी। इस टीम ने उत्तराखंड की सीमा के नजदीक एक फूड प्लाजा के पास दबिश दी जहां चोरी के ट्रकों को लाकर उनका इंजन और चेसिस नंबर बदला जाता था। पुलिस को देखते ही गिरोह के लोग ट्रकों की खिड़कियों से कूदकर गन्ने के खेतों में भागने लगे।

पुलिस ने रामपुर के गंज मोहल्ला निवासी परवेज उर्फ गुड्डू , टांडा (रामपुर) के मोहल्ला दायमपुरा निवासी अकील अहमद और रामनगर (उत्तराखंड) निवासी दानिश समेत तीन लोगों को दबोच लिया। जबकि सितारगंज (उत्तराखंड) के गांव रम्पुरा निवासी सगे भाई यूसुफ और फरमान, देवरनियां निवासी फरीद, इम्तियाज और बहेड़ी के मोहल्ला शेखूपुर निवासी छोटे भागने में कामयाब हो गए।

इंस्पेक्टर बहेड़ी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि यह गिरोह ट्रकों को चोरी करने के बाद दूसरे राज्यों से फर्जी एनओसी बनवा लेता था और फिर नए इंजन और चेसिस नंबर डालकर उनका रजिस्ट्रेशन कराने के बाद बेच देता था। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है।

ट्रक लेकर पहुंचे थे ग्राहकों से बातचीत करने
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे सभी ट्रकों के साथ फूड प्लाजा रोड किनारे पहुंचे थे जहां उनकी ग्राहकों से बातचीत होनी थी। उन्होंने बताया कि वे काफी समय से यह काम कर रहे हैं। उनके कब्जे से चार ट्रक, चार इंजन नंबरों की पट्टिकाएं, सुग्गी, ग्राइंडर और हथौड़ी बरामद हुई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी हुई है कि उनसे चोरी के ट्रक किन लोगों ने खरीदे हैं। पुलिस ने अनुमान जताया है कि इस गिरोह की निशानदेही पर करीब दो दर्जन ट्रकों की बरामदगी की उम्मीद है जिन्हें चोरी करके बेचा गया है।

कई सफेदपोशों का है संरक्षण
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में यह भी पता चला है कि इस गिरोह को कई सफेदपोशों का सीधे तौर पर संरक्षण हासिल था। पुलिस उनके बारे में ब्योरा रही है। साक्ष्य मिलने के बाद उन सफेदपोशों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

हिमाचल, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में बनवाते थे फर्जी दस्तावेज
थाना प्रभारी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी पंजाब, हरियाणा, हिमाचल समेत कई राज्यों के आरटीओ कार्यालयों में अपनी साठगांठ से धंधा कर रहे थे। यह गिरोह फाइनेंस हुए ट्रकों को चिह्नित कर उनकी चोरी करने के बाद उनके इंजन और चेसिस नंबर बदल देता था। उसके बाद आरटीओ से नए नंबर की एनओसी लेकर बरेली में नंबर बदलवाकर दस्तावेज बनवाकर अच्छे दाम पर बेच देता था। यह काम वे इतनी सफाई से करते थे कि बैंक इन ट्रकों पर लोन तक दे देता था।

फर्जी दस्तावेज तैयार कर चोरी किए ट्रकों को बेचने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पांच सदस्य मौके से भागने में सफल रहे। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। - श्रवण कुमार सिंह, थाना प्रभारी बहेड़ी

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