प्रयागराज: करंट की चपेट में आने से होटलकर्मी की मौत, परिजनों ने शव रखकर किया चक्काजाम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

प्रयागराज, अमृत विचार। फायर ब्रिगेड चैराहे के पास स्थित एक होटल में काम करने वाले युवक की करंट लगने से मौत हुई थी। युवक के शव को रविवार को पोस्टमार्टम हुआ। सूत्रों के मुताबिक युवक के शव को विसरा प्रिजर्व किया गया है।पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव घर ले गये और चकिया में शव रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर एसीपी सहित कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गयी।

परिजन और आसपास के लोग आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग पर अड़े थे। पुलिस ने आश्वासन देकर कुछ देर बाद मामले को शांत करा दिया। परिजन युवक का शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गये। चकिया निवासी श्याम सुंदर भारतीय का 19 वर्षीय बेटा सचिन उर्फ अतिलेश भारतीय ली लेजर होटल में बतौर कुक का काम करता था। श्याम सुंदर ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा शनिवार की सुबह घर सेकाम के लिए निकला था।

शाम को आने से पहले ही उसके मोबाइल पर सूचना दी गयी कि अतिलेश बीमार हो गया है और एसआरएन अस्पताल में भर्ती है। जबतक परिजन पहुंचे उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने एसआरएन में हंगामा करते हुए हत्या का आरोप लगाया था तथा पुलिस को होटल मालिक और मैनेजर के खिलाफ तहरीर दी है। रविवार को होटलकर्मी के शव को पोस्टमार्टम हुआ। 

परिजन पोस्टमार्टम के बाद युवक के शव को लेकर घर आये और रोड़ में शव रखकर जाम लगा दिये। जाम की सूचना पर एसीपी सहित कोतवाली की फोर्स पहुंच गयी। परिजन आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग कर रहे थे। किसी तरह से एसीपी ने आश्वासन देकर मामले को शांत कराया तब जाकर परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गये।

यह भी पढ़ें:-UP IAS Transfer: यूपी में 7 आईएएस अफसरों के तबादले, हर्षिता माथुर बनीं रायबरेली की डीएम, देखें लिस्ट

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

सीतापुर में 7 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त, फर्जी मार्कशीट के आधार पर पाई थी नौकरी
गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल
NEET विवाद पर छात्रों के समर्थन में आए वरुण धवन और नोरा फतेही, बोले- हर छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था का हकदार
Parliament Monsoon Session Day 5: लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित, किरण रिजिजू बोले- NEET पर चर्चा जरूरी, देश को सही संदेश जाना चाहिए
''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?'' , राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से नहीं डराया जा सकता