बरेली: तलाशने से नहीं मिल रही जमीन... कहां बनाएंगे गोआश्रय स्थल
प्रत्येक न्याय पंचायत में बननी हैं दो गोशाला, अब तक सिर्फ तीन में मिल सकी जमीन
बरेली, अमृत विचार। जिले में सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सबसे ज्यादा समस्या जमीन को लेकर खड़ी हो रही है। पीएम की हर घर शुद्ध जल योजना के बाद अब गोआश्रय स्थलों को बनाने में जमीन नहीं मिलना बड़ी समस्या है। हर न्याय पंचायत में मनरेगा से बनने वाले गोआश्रय स्थलों का काम अटका हुआ है। जमीन की दिक्कत काे दूर कराने के लिए एसडीएम काे पत्र लिखा गया है।
जिले में 144 न्याय पंचायतें हैं। मनरेगा के तहत गोवंश के संरक्षण के लिए हर न्याय पंचायत स्तर पर दो गोआश्रय स्थल बनाने की योजना काफी समय से चल रही है, लेकिन इसमें जमीन का संकट बाधा बना हुआ है। काफी मशक्कत के बाद भी जमीन नहीं मिल पा रही हैं। अब तक आमलपुर ब्लॉक के नौगवां बांगरपुर, मझगवां के अतेपुर, रामनगर के अंजनी में ही काम शुरू हो सका है, बाकी जगह जमीन नहीं मिल रही। जमीन की तलाश के लिए एसडीएम को पत्र लिखा गया है।
डीसी मनरेगा हबीब अंसारी ने बताया कि गोआश्रय स्थल बनाने के लिए अच्छी जमीन की जरूरत है। उसमें मानकों का भी ध्यान रखा जा रहा है। जमीन निचली जगह पर न हो। न्याय पंचायत स्तर पर बनाने का कोई प्लान नहीं था, लेकिन तैयारी थी कि अगर जमीन मिल जाएगी तो बना लेंगे। फिलहाल जमीन की तलाश कराई जा रही है। थोड़ा समय जरूर लगेगा।
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