प्रयागराज : धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने वाली आरोपी दो महिलाओं को मिली जमानत

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक धर्म की कथित तौर पर निंदा करने और लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने वाली आरोपी दो महिलाओं को सशर्त जमानत दे दी। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की एकलपीठ ने अनीता देवी और दिव्या नाम की आरोपी महिलाओं की जमानत की अर्जी पर सुनवाई के दौरान पारित किया। 

मालूम हो कि आजमगढ़ के महाराजगंज में अनीता देवी और दिव्या के खिलाफ उत्तर प्रदेश गैर कानूनी धर्म परिवर्तन निषेध कानून, 2021 और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दोनों महिलाओं पर आरोप है कि वे अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर एक धर्म का प्रचार-प्रसार कर रही थीं और अन्य धर्म की निंदा कर रही थीं, साथ ही दोनों पर लोगों का धर्मांतरण कराने का भी आरोप लगाया गया। याचियों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि जांच के दौरान धर्म परिवर्तन कराए गए किसी व्यक्ति का पता नहीं चला और ना ही ऐसा कोई विवरण सामने आया, जिससे यह साबित हो कि याचियों ने दूसरे धर्म के खिलाफ कुछ विवादित बयान दिया था। अधिवक्ता ने आगे बताया कि याचियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और दोनों 14 अगस्त, 2023 से जेल में बंद हैं। वहीं सरकारी अधिवक्ता ने जमानत की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि याचियों के खिलाफ संज्ञेय अपराध का मामला बनता है। अंत में अदालत ने याचियों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए कहा कि इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों तथा अपराध की प्रकृति, साक्ष्य और अधिवक्ताओं के तर्कों के आधार पर याचियों को जमानत का हकदार माना जा सकता है।

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