आबादी से दूर बनाएं श्रीराम एयरपोर्ट, नहीं तो दें वाजिब मुआवजा: पवन पांडेय
अयोध्या, अमृत विचार। प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री व सपा नेता ने मांग की है कि लखनऊ वाराणसी तथा अन्य शहरों की तरह अयोध्या में भी एयरपोर्ट आबादी से दूर बनाया जाए, अयोध्यावासी श्रीराम एयरपोर्ट के खिलाफ नहीं हैं। योगी सरकार वहीं जनौरा, धर्मपुर, कुटिया, नंदापुर की जमीनों पर ही श्रीराम एयरपोर्ट बनाना चाहती है …
अयोध्या, अमृत विचार। प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री व सपा नेता ने मांग की है कि लखनऊ वाराणसी तथा अन्य शहरों की तरह अयोध्या में भी एयरपोर्ट आबादी से दूर बनाया जाए, अयोध्यावासी श्रीराम एयरपोर्ट के खिलाफ नहीं हैं। योगी सरकार वहीं जनौरा, धर्मपुर, कुटिया, नंदापुर की जमीनों पर ही श्रीराम एयरपोर्ट बनाना चाहती है तो सभी किसानों को बराबर मुआवजा मिले। धर्मपुर, कुटिया की जमीनों का भी जनौरा नंदापुर के बराबर मुआवजा दिया जाए।
भगवान श्री राम के नाम पर एयरपोर्ट बना रही है तो सरकार को चाहिए कि क्षेत्र का किसान खुश रहे, उसके चेहरे पर मुस्कान रहे, किसी के साथ भेदभाव न हो, इसके लिए किसानों की जमीन का मौजूदा सर्किल रेट बढ़ाकर छह गुना करके मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांग पूरी नहीं कि तो समाजवादी पार्टी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगी।
महोबा के कारोबारी की हत्या के मामले में उन्होंने राष्ट्रपति से उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन घोषित करने की मांग की। आरोप लगाया कि सरकार के एसपी डीएम 6-6 लाख वसूली ले रहे हैं। वसूली न देने पर हत्या करा दी जा रही है। योगीराज में अपराध बेलगाम हो गया है। आए दिन हत्या लूट डकैती बलात्कार हो रहे हैं। योगी जी सबसे अक्षम मुख्यमंत्री साबित हुए हैं।
स्पेशल फोर्स के गठन पर उन्होंने कहा कि योगी जी सदन में कहते हैं कि ठोंक दो। प्रदेश में कानून का राज नहीं बल्कि योगी का राज है। जो लोग उनको अच्छे नहीं लगते, जो भाजपा का झंडा नहीं उठाते, इनके खिलाफ बोलते हैं और इनकी कमियों को उजागर करते हैं, उनको ठिकाने लगाने के लिए इस फोर्स का गठन किया गया है। यह सरकार और कानून की नहीं बल्कि योगी की अपनी फोर्स है।
प्रदेश सरकार के नियमित नियुक्ति के पूर्व 5 साल की संविदा की नौकरी के प्रस्ताव पर भी पवन पांडेय ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मांग की की पहले भाजपा अपने मुख्यमंत्रियों को संविदा पर रखना शुरू करें। इनके कामकाज की छमाही समीक्षा करें। अक्षम साबित हो रहे मुख्यमंत्रियों को तत्काल पद से हटाए और इसके बाद युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ के बारे में सोचें।
