बरेली: टैक्स वसूली में गड़बड़झाला, भेज रहे अधिक बिल

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बरेली, अमृत विचार। भवन, जल और सीवर कर की वसूली में नगर निगम में खेल चल रहा है। निगम के जिम्मेदार समय पर बिल नहीं भेजते हैं, बल्कि ब्याज लगाकर बिल देते हैं। नलकुलागंज के एक मकान की कर वसूली का अनोखा मामला सामने आया है। नगर निगम छह साल पूर्व इस मकान का तीनों …

बरेली, अमृत विचार। भवन, जल और सीवर कर की वसूली में नगर निगम में खेल चल रहा है। निगम के जिम्मेदार समय पर बिल नहीं भेजते हैं, बल्कि ब्याज लगाकर बिल देते हैं। नलकुलागंज के एक मकान की कर वसूली का अनोखा मामला सामने आया है। नगर निगम छह साल पूर्व इस मकान का तीनों कर मिलाकर कुल 450 रुपये वसूलता था। उसी कर का अब 29171 रुपये का बिल भवन स्वामी को भेजा है। छह साल के बाद इतनी बड़ी रकम जमा करने का बिल आने पर भवन स्वामी के होश उड़ गए।

पीड़ित स्वामी ने अपर जिलाधिकारी नगर के दरबार में शिकायत की है। नरकुलागंज में 37 नंबर मकान है। अतीक अहमद, खुर्शीद अहमद, सफीक अहमद रहते हैं। शिकायत की है कि वर्ष 2014 में उन्होंने भवन, जल और सीवर कर का 450 रुपये बिल जमा किया था। इसकी रसीद भी शिकायती पत्र के साथ संलग्न की लेकिन अब नगर निगम ने किस हिसाब से 29171 रुपये कर वसूली का बिल भेजा है। यह उनकी समझ में नहीं आ रहा है। यह मकान नगर निगम के जोन नंबर चार में आता है।

बिल में पिछले साल का कर भी दिखाया गया है। जिसमें भवन कर 10920.39 रुपये, जल कर 10380.08 रुपये और सीवर कर 2729.16 रुपये है। इन स्लैब पर ब्याज के रूप में भवन पर 1310.45 रुपये, जल पर 1245.61 रुपये और सीवर पर 327 रुपये लगाया है। चालू मांग में भवन पर 1026.40 रुपये, जल पर 975.08 और सीवर पर 256.60 रुपये कर लगाया है। सबको मिलाकर अब भवन पर 13257.24 रुपये, जल पर 12600.77 रुपये और सीवर पर 3313.26 रुपये कर लगाकर बिल भवन स्वामी को भेजा गया है। हालांकि, नगर निगम ने चालू मांग पर 10 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान भी रखा है।

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