बरेली: आंवला के रेल मार्गों पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों को हरी झंडी
आंवला (बिशारतगंज)। रेलवे स्टेशन आंवला से जुड़े सभी रेल मार्गों का विद्युतीकरण किया जा रहा है। मुख्य संरक्षा आयुक्त शैलेश पाठक व डीआरएम तरुण प्रकाश ने विद्युत कार्य का निरीक्षण किया। बिशारतगंज में बरेली-चंदौसी रेल मार्ग पर विद्युतीकरण के निरीक्षण किया। कार्य संतोषजनक पाए जाने पर रेल मार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के आवागमन को हरी …
आंवला (बिशारतगंज)। रेलवे स्टेशन आंवला से जुड़े सभी रेल मार्गों का विद्युतीकरण किया जा रहा है। मुख्य संरक्षा आयुक्त शैलेश पाठक व डीआरएम तरुण प्रकाश ने विद्युत कार्य का निरीक्षण किया। बिशारतगंज में बरेली-चंदौसी रेल मार्ग पर विद्युतीकरण के निरीक्षण किया। कार्य संतोषजनक पाए जाने पर रेल मार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के आवागमन को हरी झंडी दे दी।
दोपहर करीब डेढ़ बजे स्पेशल ट्रेन से बिशारतगंज पहुंचे सीआरएस चीफ रेल सेफ्टी शैलेश कुमार पाठक व डीआरएम मुरादाबाद तरुण प्रकाश के साथ तमाम रेल अधिकारियों ने स्टेशन की सुरक्षा के अलावा सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इससे पूर्व रेल अधिकारियों ने बरेली से बिशारतगंज तक रेलवे ट्रैक व सभी पुलों का गहनता से मुआयना किया।
खास बात यह रही कि सुरक्षा के नाम पर रेल प्रशासन रामगंगा घाट के किनारे स्थित जिस प्राचीन शिव मंदिर को पिछले कई दिनों से तोड़ने की कवायद में जुटा था, रेल अधिकारियों ने उस ओर ध्यान तक नहीं दिया। मंदिर के मुद्दे पर सीआरएस ने कहा कि उन्हें अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
डीआरएम तरुण प्रकाश ने कहा कि रेलवे की सेफ्टी सर्वोपरि है लेकिन जन भावनाओं का ध्यान भी रखा जाएगा। बिशारतगंज रेलवे स्टेशन पर रेल कर्मियों के परिजनों ने रेलवे कॉलोनी में व्याप्त अव्यवस्थाओं के बाबत डीआरएम से शिकायत की। चेयरमैन सूरजपाल मौर्य, सभासद बबलू आदि ने बिशारतगंज में यात्री सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया तो भाजपा जिला उपाध्यक्ष नानकराम सागर ने रामगंगा घाट के किनारे बने प्राचीन शिव मंदिर को तोड़ने के मुद्दे पर रेल प्रशासन से पुनः विचार करने की अपील की।
निरीक्षण के दौरान सीआरएस ने टीआई मुरादाबाद को कोहरे में ट्रेनों के संचालन के बाबत पूछा तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। स्टेशन अधीक्षक ओपी मीना व स्टेशन मास्टर मनजीत सिंह से ट्रेन को डिस्पैच करने के तरीके के बारे में पूछा तो उनके जवाब से भी सीआरएस संतुष्ट नहीं हुए और उन्हें विस्तार से समझाया।
कई घंटे तक निरीक्षण के दौरान धूप में खड़े रहने के कारण चंदौसी के सीनियर पीडब्ल्यूआई सुशील कुमार अवस्थी बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े तो हड़कंप मच गया। रेल कर्मियों ने उन्हें छाया में लिटाकर प्राथमिक उपचार किया तो काफी देर बाद वह होश में आए। सभी रेल अधिकारी स्पेशल ट्रेन को छोड़कर नौ ट्रालियों से आंवला रेलवे स्टेशन को रवाना हो गए। यह निरीक्षण के बाद वह बरेली के लिए रवाना हो गए।
