बरेली: बच्चों की मौत आंकड़ा घटा, रेफर करने का बढ़ा
बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले बच्चों की मौत का आंकड़ा कम हुआ है, मगर बच्चों को रेफर करने का ग्राफ बढ़ रहा है। तीन महीने में 42 बच्चों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। अधिकांश बच्चे गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे।
बच्चा वार्ड में जनवरी से अप्रैल तक 17 बच्चों की मौत हुई थी। पिछले तीन महीने में यह आंकड़ा काफी नीचे पहुंच गया है। तीन महीने में आठ बच्चों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के मुताबिक बच्चा वार्ड में अब तक जो बच्चे रेफर और जिन बच्चों की मौत हुई है, उनमें अधिकांश निमोनिया और सांस संबंधी रोगों से ग्रसित थे।
परिवार वाले घर पर ही इलाज कराते रहे। जब हालत काफी बिगड़ गई तो लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। बच्चों को तुरंत इलाज दिया गया, लेकिन हालत गंभीर होने की वजह से उन्हें हायर सेंटर रेफर करना पड़ा।
डॉक्टरों की कमी... 20 पद रिक्त
जिला अस्पताल में लंबे समय से डॉक्टरों की कमी है। यहां डॉक्टरों के 43 पद सृजित हैं। इनमें से 23 पदों पर डॉक्टर तैनात हैं, जबकि 20 पद रिक्त हैं। हृदय, गुर्दा समेत अन्य बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। रोग विशेषज्ञों के करीब 20 पद हैं, इनमें से सात पदों पर विशेषज्ञ तैनात हैं। 13 पद रिक्त हैं। इस वजह से भी मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
मृत्यु दर कम करने के लिए चलाई मुस्कान योजना
शासन ने सरकारी अस्पतालों में शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए मुस्कान योजना शुरू की है। इसके तहत दो महीने पहले जिला महिला और पुरुष अस्पताल के बच्चा वार्ड में टीम का गठन किया गया है। यह टीम बच्चों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में काम करती है। बच्चों के इलाज को लेकर अभिभावकों को भी जागरूक करती है।
शासन की ओर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सूचना मांगी गई है, जो भेज दी गई है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। इससे मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। हालांकि, बच्चों के लिए बाल रोग विशेषज्ञों की कमी नहीं है। संसाधनों का भी अभाव है।
-डॉ. अलका शर्मा, एडीएसआईसी जिला अस्पताल
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