सुलतानपुर डॉक्टर हत्याकांड : परिजनों ने चिकित्सक के शव का अंतिम संस्कार करने से किया इंकार
विधायक समेत ब्राह्मण समाज के विभिन्न पदाधिकारी का रहा जमावड़ा
लंभुआ/ सुलतानपुर, अमृत विचार। चिकित्सक की निर्मम हत्या के मामले में पोस्टमार्टम के बाद जब घर उनका शव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। परिजनों का कहना था कि जब तक योगी सरकार आरोपियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं करती है और परिजनों की विभिन्न मांगों को नहीं मानती है तब तक हम शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी समेत विधायक एवं अन्य नेताओं का जमावड़ा लग गया। सभी ने इसे जघन्य ने अपराध मानते हुए इसकी कड़ी निंदा की। पुलिस प्रशासन के काफी मान मनौवल के बाद भी परिजनों ने चिकित्सक के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया।
चिकित्सक का शव पोस्टमार्टम के बाद रविवार को उनका शव लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के पैतृक गांव सखौली पहुंचा। घर शव पहुंचते ही रोना पीटना मच गया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात थी। विधायक सीताराम वर्मा ने पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी और कहा कि यह जघन्य अपराध है। इसमें तत्काल पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। मृतक चिकित्सक घनश्याम तिवारी के भाई राधे कृष्णा तिवारी ने कहा कि जिस जमीन को लेकर उनकी हत्या की गई उस जमीन पर कब्जा दिलाया जाए। परिवार को आर्थिक मदद तथा उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाई जाए और आरोपियों के तत्काल पुलिस गिरफ्तारी करे।
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उधर इस हत्या को लेकर ब्राह्मण समाज गुस्से में है। ब्राह्मण समाज के जिला अध्यक्ष रमेश द्विवेदी एवं अन्य पदाधिकारी डॉक्टर के पैतृक गांव पहुंचे और परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि जनपद में भू माफिया के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों के घर योगी सरकार तत्काल बुलडोजर चलवाए। अगर शासन प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता है तो पूरे जिले भर में ब्राह्मण समाज आंदोलन करेगा। मौके पर एसडीम दीपक वर्मा, सीओ अब्दुस सलाम, कोतवाली प्रभारी शिवाकांत त्रिपाठी, भाजपा नेता केएल द्विवेदी, युथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वरुण मिश्र, डॉ केपी सिंह, संजीव पांडे, जयशंकर त्रिपाठी, आनंद, विजय दुबे आदि लोग मौजूद थे।
सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही प्रदेश सरकार
सुलतानपुर में चिकित्सक की जघन्य हत्या का मामला सोशल मीडिया पर छाया हैं। प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर उसे ट्रोल किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य व जिले के मूल निवासी संजय सिंह ने ट्वीटर पर कुछ फोटो के साथ पोस्ट किया है ‘सुलतानपुर में डाक्टर की पीट पीटकर हत्या। डबल इंजन की सरकार में अपराध चरम पर।‘ जिस पर खूब कमेंट्स आ रहे हैं।
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वहीं, समाजवादी पार्टी ने अपने ट्वीटर हैंडल से पोस्ट डाली है, ‘यूपी में जंगलराज व्याप्त! भाजपा नेता के भतीजे ने डाक्टर को पीट पीटकर मार डाला! घटना पर दुख जताते हुए आगे भी सवाल किया है कि मुख्यमंत्री जी आरोपी की संपत्तियों पर कब चलेगा आपका बुलडोजर? पीड़ित परिवार को कब मिलेगा न्याय?‘ वहीं, समाजवादी पार्टी से लंभुआ के पूर्व विधायक रहे संतोष पांडेय, भाजपा के पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी, भाजपा विधायक सीताराम वर्मा, युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वरुण मिश्र समेत कई अन्य नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घटना की निंदा की है। नेताओं की पोस्ट पर सरकार के पक्ष और विपक्ष में खूब कमेंट्स आ रहे हैं।
भू-माफिया मिट्टी में मिले हैं और आगे भी मिलेंगे - देवमणि द्विवेदी
चिकित्सक घनश्याम तिवारी की हत्या में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष, पूर्व राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य गिरीश नारायण सिंह बब्बन का भतीजा अजय नारायण सिंह मुख्य आरोपी है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष का चचेरा भाई भी है। बावजूद इसके पार्टी के एक खेमे में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लंभुआ से भाजपा के पूर्व विधायक रहे देवमणि द्विवेदी ने चिकित्सक हत्याकांड पर कुछ दिन पूर्व सीएम के सदन में दिए गए बयान, माफिया मिट्टी में मिलेंगे वाले बयान को दोहराया है। उन्होंने मीडिया में कहा है कि भू-माफिया मिट्टी में मिले हैं और आगे भी मिट्टी में मिलेंगे। मृतक डॉक्टर की पत्नी निशा तिवारी से मिलकर उन्होंने ढाढस बंधाया। हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उसके बाद पूर्व विधायक ने एसपी सुलतानपुर से फोन पर वार्ता भी की। वहीं, अस्पताल पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष डा. आरए वर्मा ने भी अधिकारियों से वार्ता किया और पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया। भाजपा जिलाध्यक्ष से मृतक चिकित्सक के अच्छे संबंध थे।
उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले वे जिलाध्यक्ष के प्राइवेट अस्पताल में भी कार्यरत थे। वहीं, भाजपा के लंभुआ विधायक सीताराम वर्मा पीड़ित परिवार के पैतृक गांव सिखौली कला पहुंचे। वहीं, सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय भी मामले को लेकर गुस्से में है और हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा दिला रहे हैं।
चिकित्सक की हत्या से स्वास्थ्य कर्मियों में रोष
जयसिंहपुर/ सुलतानपुर। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात संविदा डॉक्टर घनश्याम तिवारी की मौत पर रविवार को सीएचसी पर शोक सभा का आयोजन किया गया। यहां रविवार को आयोजित होने वाला आयुष्मान भव स्वास्थ्य मेला डॉक्टर की मौत के कारण स्थगित कर दिया गया। साप्ताहिक स्वास्थ्य मेले में बतौर जनप्रतिनिधि आये सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय ने अस्पताल में आयोजित शोक सभा मे शामिल होकर लोगों को सान्त्वना दी। मेले में आये कुछ मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ, उसके बाद दिवंगत डॉक्टर की मौत पर शोक सभा का आयोजन कर मेला स्थगित कर दिया गया। विधायक ने अधीक्षक समेत सभी स्टाफ को चिकित्सक की हत्या के मामले में प्रभावी कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहपुर अधीक्षक डा सुरेंद्र कुमार, डा दिग्विजय सिंह, डा सभाराम पाल, डा राजेश, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सत्यप्रकाश क्षय रोग सुपर वाइजर अरविंद पांडेय, देवी प्रसाद तिवारी ,उपेंद्र वर्मा व अन्य स्वास्थ्य कर्मी के साथ भाजपा नेता सभाजीत पांडेय, राम केस यादव, हरिशंकर वर्मा आदि रहे।
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पीटता रहा दबंग, किसी ने नहीं सुनी चीख !
लोगों की मानवीयता समाप्त होती जा रही है या फिर सरहंगों से कोई उलझना नहीं चाहता। शनिवार की शाम नरायनपुर में करीब आधे घंटें तक भू माफिया दबंग चिकित्सक घनश्याम त्रिपाठी को पीटते रहे और वे चीखते चिल्लाते रहे, लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया। किसी ने पुलिस को सूचना देने की हिम्मत तक नहीं दिखाई। मृतक चिकित्सक की बाइक नरायनपुर चौराहे की पुलिया पर मिली, जहां हमेशा चहल पहल रहती है। फिर भी कोई बचाव में आगे नहीं आया।
घटनास्थल के नजदीक दो पुलिस चौकी
मृतक चिकित्सक घनश्याम त्रिपाठी की बाइक जहां पर मिली उसी पुलिया को पुलिस घटनास्थल बता रही है। जहां से लक्ष्मणपुर पुलिस चौकी और पयागीपुर पुलिस चौकी महज से डेढ़ से दो सौ मीटर की दूरी पर हैं। यदि समय से पुलिस पहुंच जाती तो डाक्टर की जान बच सकती थी। सरेशाम-सरेराह हुई इस जघन्य आपराधिक वारदात की जानकारी ही नहीं हुई। ऐसे में पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़ा हो रहा है। जिला अस्पताल में चिकित्सक की मौत के बाद पुलिस को वारदात के बारे में पता चलता है।
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