Kanpur: तकिया हटाने से नहीं ठीक होता सर्वाइकल, GSVM मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष के शोध में आया सामने
तकिया हटाने से सर्वाइकल नहीं ठीक होता है।
तकिया हटाने से सर्वाइकल नहीं ठीक होता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. मनीष सिंह के शोध में नया तथ्य सामने आया।
कानपुर, अमृत विचार। सिर के पिछले हिस्से, गर्दन और रीढ़ में होने वाला दर्द अक्सर सर्वाइकल होता है। ऐसी समस्या होने पर अभी तक अधिकतर डॉक्टर मरीजों को सबसे पहले तकिया लगाना बंद करने की हिदायत देते हैं। लेकिन अब एक नए शोध में सामने आया है कि यह मात्र भ्रम ही है कि तकिया हटाने से सवाईकल में आराम मिलेगा या मर्ज ठीक हो जाएगा।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में न्यूरो सर्जरी के विभागाध्यक्ष प्रो. मनीष सिंह ने शोध में मिले तथ्यों के आधार पर दावा किया है कि तकिया हटाना सर्वाइकल का उपचार नहीं है, बल्कि तकिया का सही इस्तेमाल किया जाना जरूरी है।
प्रो. मनीष सिंह ने बताया कि सोते समय कभी स्पंज वाले गद्दे का उपयोग नहीं करना चाहिए, यह सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। ऐसे गद्दे पर लेटने से रीढ़ की हड्डी टेढ़ी हो जाती है। गर्दन में दर्द का भी खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमें सोने के तरीके पर ध्यान देना चाहिए। अधिकतर लोग ‘साइड स्लीपर’ होते हैं। ऐसे लोग ऊंची तकिया का इस्तेमाल करेंगे तो सर्वाइकल पेन होने की संभावना बढ़ती है।
ऐसे लोगों को कंधे और सिर के बीच खाली स्थान भरने के लिए कॉटन तकिया या कॉटन की अन्य वस्तु का इस्तेमाल करना चाहिए। यदि सीधी मुद्रा में सो रहे हैं तो पतली तकिया या पतला चादर फोल्ड करके गर्दन के बीच में लगा सकते हैं, ताकि सिर पीछे की ओर न लटके और ज्यादा ऊपर भी न उठे।
लेटने से यदि रीढ़ में दर्द बढ़े तो तुरंत कराएं जांच
आमतौर पर लेटने से रीढ़ के दर्द में आराम मिल जाता है। लेकिन लेटने पर दर्द बढ़े तो तुरंत जांच करानी चाहिए। प्रो. मनीष ने बताया कि यह ट्यूमर भी हो सकता है।
बीपी और आई टेस्ट से ठीक हो सकता सिर के पीछे का दर्द
सिर के पीछे होने वाला दर्द जो गर्दन तक जाता है, यह 90 फीसदी आक्सीपिटल हेडेक होता है, जो बीपी और आई टेस्ट कराकर ठीक किया जा सकता है। मेमोरी लॉस की समस्या विटामिन बी-12 व ब्रेन में प्रेशर की वजह से होती है। यह सर्जरी से ठीक होती है।
नेक और बैक पेन के यह भी हो सकते कारण
नेक-पेन और बैक पेन की वजह अर्थराइटिस, हड्डियों का कमजोर होना, हड्डियों में इंफेक्शन, रीढ़ में ट्यूमर, बच्चेदानी में संक्रमण भी हो सकता है।
पेट के बल सोने से भी हो सकतीं कई दिक्कतें
प्रो. मनीष सिंह ने बताया कि बच्चे अक्सर पेट के बल सोते हैं। कई बार यह गलती वयस्क भी करते हैं। इससे एसिड रिफ्लेक्शन की समस्या बढ़ती है। इसके साथ ही यदि सही से सिर नहीं रखते तो गर्दन में दर्द की समस्या हो जाती है।
