Etawah News: कच्चा मकान ढहा… मलबे में महिला और चार बच्चे दबे, हादसे के बाद मची चीख-पुकार

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

इटावा में कच्चा महान ढहने से महिला और चार बच्चे मलबे में दबे।

इटावा में कच्चा महान ढहने से महिला और चार बच्चे मलबे में दब गए। हादसे के लोगों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत करके सभी को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया।

इटावा, अमृत विचार। सोमवार को तड़के कच्चे मकान की छत ढहने से नीचे सो रही महिला, उसके दो बेटे और दो बेटियां सहित पूरा परिवार  मलबे में दबकर गंभीर रुप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत करके सभी को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया। मां बेटे की हालत गंभीर बताई जा रही है।

थाना लवेदी के गांव नवादा खुर्द कला में तड़के चार बजे यह हादसा होने पर गांव में कोहराम मच गया। गृह स्वामी शीलू तिवारी दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करतें हैं, घर में पत्नी बबली (32) बेटी राशि (14) व अंशिका (08) बेटे आयुष (11) व पीयूष (06) के साथ रह रही हैं। बबली अपने बच्चों के साथ कच्चे कमरे में सोई हुई थी, जिसकी छत अचानक ढह गई जिसके मलबे के नीचे दबकर सभी लोग घायल होकर चीखपुकार मचाने लगे।

दूसरी ओर छत गिरने की तेज आवाज से पड़ोसी जागकर शोर मचाते हुए दौड़े आए। सभी ने शीघ्रता से मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया। घायलों में बबली और पीयूष की हालत गंभीर बताई जाती है। मलबे में दबकर घर में रखा सारा सामान भी नष्ट हो गया।  

ग्रामीणों ने प्रशासन से दैवीय आपदा के तहत पीड़ित परिवार को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री योजना का आवास प्रदान करने की मांग की है। तहसीलदार विष्णु दत्त मिश्रा, सीओ विवेक जावला, लेखपाल पुष्पेन्द्र सिंह यादव, ग्राम पंचायत सचिव नेहा दीक्षित, कानूनगो बलबीर सिंह, थानाध्यक्ष लवेदी गणेश शंकर द्विवेदी मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता में एक लाख 25 हजार रुपये तत्काल प्रभाव से स्वीकृत किए गए हैं। सैफई में तहसीलदार सैफई की निगरानी में इलाज चल रहा है। 

आवास योजना की किस्त मिल जाती तो हादसे से बच जाता परिवार

ग्राम नवादा खुर्द कला में कच्चा मकान ढहने से हादसे का शिकार हुए परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त यदि समय पर मिल जाती तो शायद महिला और उसके चार बच्चे हादसे का शिकार होने से बच जाते ।

बबली पत्नी अजय उर्फ शीलू को वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्राप्त हुआ था । जिसमें कुल एक लाख बीस हजार स्वीकृत हुए। पहली किस्त के रुप में 40 हजार व दूसरी किस्त के रुप में 70 हजार की धनराशि प्राप्त हो गई थी। निर्धारित मानक के अनुसार स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास का निर्माण का कार्य तो पूरा कर लिया था। मंहगाई के इस दौर में आवास पर वह लेंटर नहीं डलवा पाया।

ग्रामीणों का कहना है कि स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास की तीसरी किस्त अभी पीड़ित परिवार को प्राप्त नहीं हुई थी।।यदि उसको तीसरी किस्त के दस हजार रुपये मिल जाते तो वह अपने निर्माणाधीन आवास पर लेंटर डलवा देता।  उसके परिवार को मिट्टी के जीर्ण-शीर्ण कच्चे मकान में रहने को मजबूर नहीं होना पड़ता।

एडीओ पंचायत श्याम बरन राजपूत ने बताया कि पीड़ित को निर्धारित समयानुसार प्रधानमंत्री आवास की किस्त उपलब्ध कराई गई है। आवास पर जब लेंटर डल जाता है तब आवास की जीयो टेकिंग होती है। इसके बाद लाभार्थी को अवशेष किस्त की धनराशि दी जाती है।

संबंधित समाचार