बरेली: बिम्सटेक देशों मिलकर करेंगे जूनोसिस बीमारियों का खात्मा
बरेली, अमृत विचार। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के पशु जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को जूनोसिस रोगों के निदान और नियंत्रण में प्रगति पर बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (बिम्सटेक) देशों के बीच ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू किया गया।
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इसमें जूनोसिस बीमारियों की रोकथाम के लिए एकजुट होने के लिए कहा गया। प्रशिक्षण में 6 देश भूटान, नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका थाईलैंड और भारत के 16 प्रतिभागी शामिल हुए। मुख्य अतिथि संयुक्त निदेशक (अकादमिक) डॉ. एसके मेंदीरत्ता ने बिम्सटेक देशों के बीच सक्रिय सहयोग के लिए खोज करने का आह्वान किया।
उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में सक्रिय भाग लेने और पशु स्वास्थ्य से संबंधित पहलुओं पर काम कर रहे आईवीआरआई इज्तनगर, आईसीएआर-एनआईएचएसएडी भोपाल और आईसीएआर-एनआरसी हिसार में अनुभवी संकाय से सीखने का आग्रह किया।
वहीं, वीपीएच डिवीजन के प्रमुख और पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. केएन भिलेगांवकर ने प्रशिक्षण के समकालीन विषय का चयन करने के लिए आयोजकों को बधाई दी। संयुक्त निदेशक (शोध) डॉ. एस. के. सिंह ने बिम्सटेक देशों से जूनोसिस बीमारियों से निपटने के लिए सहयोग का आह्वान किया।
वैज्ञानिक डॉ. एम सुमन कुमार, एनआईएचएसएडी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राजू कुमार, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र के हेल्थ डिवीजन, हिसार के प्रमुख डॉ. नितिन विरमानी, डॉ. हिमानी धांजे, डॉ. जेड. बी. दुबल, डॉ. आरएस राठौर, डॉ. गौरव शर्मा आदि मौजूद रहे।
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