प्रयागराज : ज्ञानवापी भूमि स्वामित्व विवाद मामलों में सुनवाई टालने की अंजुमन इंतजामिया की याचिका खारिज
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति द्वारा ज्ञानवापी काशी विश्वनाथ भूमि स्वामित्व विवाद मामले में सुनवाई टालने के लिए दाखिल एक आवेदन को खारिज कर दिया। दरअसल गत 18 सितंबर को दाखिल एक आवेदन में प्रार्थना की गई कि उक्त मामलों को एक बेंच से दूसरी बेंच में स्थानांतरित करने की मांग करने वाले आवेदक की पहचान का खुलासा किया जाए।
उपरोक्त आवेदन को खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने कहा कि एकल न्यायाधीश के समक्ष याचिकाओं की सुनवाई में प्रक्रियात्मक अनुचितता को उजागर करना महत्वपूर्ण है, ना कि उसे उजागर करने वाले की पहचान बताना आवश्यक है। मालूम हो कि 11 अगस्त 2023 को मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक औचित्य और न्यायिक अनुशासन के साथ-साथ लिस्टिंग में पारदर्शिता के हित में न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की पीठ से ज्ञानवापी विवाद मामलों को वापस लेने के लिए प्रशासनिक पक्ष पर एक आदेश पारित किया। इसके बाद सभी मामले मुख्य न्यायाधीश की पीठ को सौंप दिए गए। इसके पीछे यह तर्क दिया गया कि मामलों को सूचीबद्ध करने में उचित प्रक्रिया का अनुपालन तथा निर्णय सुरक्षित रखने के लिए क्रमिक आदेश पारित करने में रोस्टर के मास्टर के अनुसार क्षेत्राधिकार का प्रयोग नहीं किया गया। जिसके कारण उक्त विवाद से संबंधित सभी मामलों को स्थानांतरित कर दिया गया।
अपने आदेश में मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि प्रशासनिक पक्ष पर उनका आदेश अनिवार्य रूप से एक शिकायत से निकला है, जो 27 जुलाई 2023 को कार्रवाई के किसी पक्ष के अधिवक्ता द्वारा उनके समक्ष की गई थी, जिसमें इस तथ्य पर प्रकाश डाला गया था कि विवादित मामलों की सुनवाई नियमों के अनुसार नहीं हो रही है तथा मामलों को सूचीबद्ध करने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। अंत में कोर्ट ने अंजुमन मस्जिद की याचिका खारिज करते हुए मामले को आगामी 4 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
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