Kanpur: जुलूस ए मोहम्मदी की ड्रोन से होगी निगरानी, सोशल मीडिया पर रहेगी नजर, रौशनी से नहाया शहर, पढ़ें- पूरी खबर
कानपुर में जुलूस ए मोहम्मदी की ड्रोन से होगी निगरानी।
कानपुर में जुलूस ए मोहम्मदी की ड्रोन से निगरानी होगी। इसके साथ ही पैरामिलेट्री फोर्स भी तैनात रहेगा। पुलिस अधिकारियों की सोशल मीडिया पर भी खास नजर रहेगी।
कानपुर, अमृत विचार। बारावफात पर जुलूस-ए-मोहम्मदी आज पुलिस के कड़े पहरे के बीच निकाला जाएगा। इसको लेकर कमिश्नरेट पुलिस ने आयोजन की सुरक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। पूरे जुलूस मार्ग को खुफिया कैमरों से लैस करने के साथ ही पूरे आयोजन के लिये पैरामिलेट्री, आरएएफ, पीएसी व पुलिस की चप्पे-चप्पे पर तैनाती की गई है।
सभी आयोजकों से संपर्क करके पुलिस ने जुलूस के आयोजन को शांतिपूर्वक व अनुशासित ढंग से निकालने की अपील की। साथ ही किसी भी तरह की गड़बड़ी फैलाने वालों पर सख्ती से निपटने की बात कही। वहीं, जश्न ए चिरागा के मौके पर रात भर सड़कों पर रौशनी नजर आईं। बुधवार को शहर के मुस्लिम इलाकों में नात की धुन सुनाई दी। पूरी रात जश्ने चिरागा के त्यौहार के मौके पर सड़क और गलियां रोशनी से सजी रहीं।
पुलिस प्रशासन ने रूटों का किया निरीक्षण
जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर बुधवार को दिनभर पुलिस व प्रशासन की टीमें जुलूस रूट का निरीक्षण करती रही। सभी जोन के डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी, थानेदारों को संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने दिशा निर्देश दिए। भारी भरकम पुलिस फोर्स के साथ रूट का निरीक्षण कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। सभी वरिष्ठ अधिकारी आयोजन की कमान थामी । पूरे रूट पर जगह-जगह भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बेरीकेडिंग लगाई गईं।
शहरकाजी, मौलवियों से निरंतर हो रहा संवाद
आयोजन को लेकर विगत कई दिनों से पुलिस की अलग-अलग टीमें शहरकाजी, धर्म गुरुओं व मौलवियों की तरफ से सभी आयोजकों से निरंतर संवाद करके आयोजन को लेकर सभी तरह की समस्याएं दूर करने में लगी हुई हैं। ताकि आयोजन हर बार से बेहतर हो सके। गड़बडी फैलाने वालों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करने को भी तैयार है।
123 ड्रोन करेंगे निगरानी
जुलूस ए मोहम्मदी के रूट पर कुल 123 ड्रोन को आयोजन की निगरानी के लिए लगाया गया है। यह कैमरे ऊंचाई से जमीन पर हो रही हर गतिविधि पर अपनी बारीक नजरें बनाए रखेगें। इसके साथ ही पीटीजेड कैमरों व रूट पर सीसीटीवी को भी लगाया गया है।
सोशल मीडिया पर रहेगी खास नजर
आयोजन को लेकर जहां पुलिस एक तरफ रूट को सुरक्षित व दुरुस्त करने में लगी है वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर भी पुलिस का सोशल मीडिया सेल नजर बनाए है। कोई भी भ्रामक सूचना सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म फेसबुक, वाट्सएप एवं ट्विटर पर फैलाने वालों पर त्वरित कार्रवाई होगी।
कार्यक्रम की होगी वीडियोग्राफी, आपत्तिजनक ध्वज लेकर न शामिल हों
-सभी अंजुमन को अपने अपने जुलूस में पर्याप्त संख्या में वालंटियर्स को लगाना अनिवार्य है।
-कार्यक्रम की वीडियोग्राफी होगी, यदि कोई प्रतिकूल तथ्य मिलेगा तो सम्बंधित अंजुमन के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी।
-जुलूस-ए-मोहम्मदी के मुख्य जुलूस में शामिल होने वाले सभी अंजुमन को जुलूस के गुजर जाने के बाद पीछे से शामिल होने के लिए जगह मिलेगी न कि बीच में या फिर आगे।
-ज़मीयत जो कि जुलूस आयोजित करने की संस्था है। उसके द्वारा किसी भी लोडर, छोटा हाथी को जुलूस में शामिल करने को प्रतिबंधित किया गया है। इसलिए जूलूस में डीजे के साथ शामिल न हों।
-यदि किसी चौराहा, तिराहा, चौक या किसी अन्य स्थान से एक से ज़्यादा अंजुमन शामिल होनें आएंगी तो वो सभी उस स्थान पर मुख्य जुलूस के आने का शांतिपूर्वक इंतज़ार करेंगी। सभी अंजुमन अपने आने के क्रम के अनुसार व्यवस्थित रूप से एक के पीछे एक खड़ी हो जाएंगी।
-बड़े और ज़्यादा ध्वनि विस्तारक यंत्र लेकर जुलूस में कतई न जाएं।
-जुलूस में कोई भी आपत्तिजनक ध्वज लेकर शामिल न हों।
-ध्वज में लोहे की राड व धातु की छड़ का प्रयोग न करें। ताकि बिजली के तारों में छूने से कोई हादसा न हो, लकड़ी के डंडों में ध्वज लगाएं।
जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर शहरकाजी, धर्म गुरुओं व मौलवियों की तरफ से सभी आयोजकों तंजीमों अंजुमन से अपील की गई है कि पूरे आयोजन को बेहद अनुशासित व शांतिपूर्वक ढंग से खुशी-खुशी मनाएं। किसी भी प्रकार के नियम व कानून का उल्लंघन न किया जाए। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अनुशासन व सुव्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत करने की अपील की है। जाए।- डॉ आर के स्वर्णकार, पुलिस कमिश्नर
