बरेली: जर्जर स्कूल भवन तोड़ रहे, मगर बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट नहीं कर रहे

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बरेली, अमृत विचार। जर्जर स्कूल भवन तोड़ रहे, मगर बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट नहीं कर रहेबरेली, अमृत विचार। जिले में जर्जर परिषदीय स्कूलों के भवनों को ध्वस्त कराया जा रहा है, मगर बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। कई स्कूलों में सौ से अधिक बच्चे एक-दो कमरों में बैठाए जा रहे हैं। इससे उन्हें दिक्कत हो रही और पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

जिले में करीब 128 स्कूलों के जर्जर भवनों को ध्वस्त कर नव निर्माण, मरम्मत और अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराया जाना है। शहर में 21 और अन्य विकास क्षेत्रों में 58 जर्जर भवनों को अभी तक ध्वस्त किया जा चुका है। शहर में सराय तल्फी स्थित प्राथमिक स्कूल , स्वाले नगर प्राथमिक स्कूल, इज्जत नगर कंपोजिट स्कूल, जोगी नवादा, ब्रह्मपुरा आदि 58 चिन्हित जर्जर भवनों का ध्वस्त करने की प्रक्रिया चल रही है।

सराय तल्फी स्थित स्कूल में करीब सौ से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। इज्जतनगर, ब्रह्मपुरा स्थित स्कूल में भी सौ से अधिक बच्चे हैं, लेकिन इन स्कूल के जर्जर भवनों के कुछ कमरों के ध्वस्त हाेने के बाद यहां के बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट नहीं किया गया है।

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एक दो कमरों में ही बच्चों को बैठना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इनमें से कई ऐसे स्कूल हैं जहां समूचे भवन का नव निर्माण होगा। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।
 
जर्जर स्कूल भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद यदि बच्चों और शिक्षकों को बैठने के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चले, इसके लिए ऐसे स्कूल के बच्चों को जल्द करीब के ही स्कूल में शिफ्ट कराया जाएगा - तौसीफ अहमद, बीईओ

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