वर्चुअल संवाद: प्रधानमंत्री ने शिक्षिका और बच्चों से की बातचीत
राजकीय इंटर कॉलेज के स्मार्ट ऑडिटोरियम के बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्टर की सराहना की
फोटो- जीआईसी सभागार मे संकल्प सप्ताह।
बरेली, अमृत विचार। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लाकों के लिए संकल्प सप्ताह का आरंभ किया। इसका सीधा प्रसारण शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज परिसर के स्मार्ट ऑडिटोरियम में हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री ने आकांक्षी ब्लॉक बहेड़ी के शुमाली डांडी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका रंजना अग्रवाल और निपुण बच्चों से वर्चुअल बातचीत की।
स्मार्ट ऑडिटोरियम में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर में आयोजन के लिए प्रधानमंत्री ने बधाई दी। उन्होंने आकांक्षी ब्लॉक के चिंतन शिविरों और कक्षा शिक्षण को प्रभावी बनाने, लर्निंग आउटकम व गतिविधि आधारित शिक्षण से संबंधित प्रश्नों पर चर्चा की।
बातचीत के दौरान शिक्षिका ने यह बिंदु भी रखा कि वर्तमान में जनपद शत प्रतिशत स्मार्ट कक्षाओं से पूर्ण हो गया है। इस पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। वर्चुअल संवाद में प्रधानमंत्री ने शिक्षिका और बच्चों से 4 :48 मिनट वार्ता की। मंच से एक महत्वपूर्ण पोर्टल का भी आरंभ किया गया।
वर्चुअल संवाद में प्रधानमंत्री ने आकांक्षी विकास खंडों में जमीनी स्तर पर हो रहे कार्य, जनमानस के जीवन में हो रहे बदलाव और प्रगति को सराहा। उन्होंने एक दूसरे के साथ जुड़ते हुए सहयोग के साथ, टीम स्पिरिट से, मिशन मोड में कार्य करते हुए कम से कम समय में आकांक्षी ब्लॉक को प्रेरणा ब्लॉक बनाने का संदेश दिया। डीएम शिवाकांत द्विवेदी, सीडीओ जगप्रवेश, एडी बेसिक विनय कुमार, बीएसए संजय सिंह, प्रधानाध्यापक शबीना परवीन, सीमा कश्यप, शिखा अग्रवाल मौजूद रहीं।
प्रधानमंत्री और रंजना अग्रवाल के बीच वर्चुअल संवाद
पीएम: किसी विषय को लेकर आप हमें बताना चाहेंगी?
शिक्षिका: ब्लाॅक को आकांक्षी ब्लॉक के रूप में चुने जाने पर हर्ष है। यह ऑडिटोरियम सरकारी योजना के अंतर्गत ही बना है।
पीएम: आपके ब्लॉक में चिंतन शिविर जो आयोजित किए गए। उनमें ऐसा कौन सा आइडिया था जो आपको सबसे ज्यादा रोचक और प्रभावी लगा।
शिक्षिका: विकास खंड के सर्वांगीण विकास की योजना रोचक और प्रभावी लगी। किसी भी ब्लाॅक के विकास के लिए जरूरी है कि सभी स्टेक होल्डर एक ही मंच पर आएं और आपसी समन्वय स्थापित करें। मेरा माना है कि यदि सभी समाज के घटक एक साथ समावेसी रूप से समन्वय स्थापित करेंगे तो हम सरकारी योजनाओं को भी जन आंदोलन में परिवर्तित कर सकते हैं।
पीएम: आप अपने स्कूल के साथ मिलकर ऐसे कौन सा बदलाव करने की योजना बना रही हैं, जिससे आपके स्कूल का लर्निंग आउट कम बेहतर हो सके ।
शिक्षिका: अपने स्कूल का लर्निंग आउट कम बेहतर करने के लिए परंपरागत शिक्षा को छोड़कर गतिविधि आधारित शिक्षा पर ध्यान दूंगी। खेल- खेल में बच्चों को सिखाने पर ध्यान दूंगी। इससे बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ती है। इसके साथ साथ बाल सभा, प्रार्थना सभा में नई - नई गतिविधि जैसे म्यूजिकल पीटी, कहानियां , शैक्षिक भ्रमण और स्मार्ट क्लास का भी प्रयोग करुंगी। मेरा मानना है कि आधुनिकता के इस युग में बच्चों को टेक्नोलॉजी से नहीं जोड़ेगे तो वे पिछड़ जाएंगे।
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