Kanpur News: रोडवेज बसों में आग से बचाव के लिए बदलाव, हादसों से बचने के लिए हो रहे हैं उपाय
कानपुर में रोडवेज बसों में आग से बचाव के लिए बदलाव।
कानपुर में रोडवेज बसों में आग से बचाव के लिए बदलाव हो गया। हादसों से बचने के लिए उपाय हो रहे हैं। बोनट और मैटिंग में बदलाव किए जा रहे।
कानपुर, अमृत विचार। रोडवेज बसों में आग के हादसे कम करने के लिए शहर में रोडवेज कार्यशाला में उपाय शुरू हो गए हैं। बसों में यदि आग लगती भी है तो उससे कम नुकसान हो, इसका भी प्रयास किया जा रहा है। इन उपायों में बसों में अग्निरोधक मैटिंग और बोनट में परिवर्तन करना शामिल है।
शहर के रावतपुर और विकास नगर स्थित रोडवेज वर्कशॉप में सौ बसों को तैयार किया जा रहा है। 50-50 बसों के बॉडी और फिनशिंग कार्य में इस बार नया प्रयोग और उपाय किया जा रहा है। यहां पर तैयार हो रही सामान्य बसों में पहले लगने वाली मैटिंग को हटाकर ‘वुलेनचकर्ड’ मैटिंग का प्रयोग किया जा रहा है। इस मैटिंग की खास बात यह है कि आग लगने के बाद भी यह जल्द नहीं जलती है।
इसी तरह बसों के बोनट मैटल के बनाए जा रहे हैं। पहले यह बोनट फायबर का बना होता था। केन्द्रीय कार्यालय के प्रधान प्रबंधक राजीव आनंद ने कहा कि इन दोनो बदलाव के बाद रोडवेज की बसों में आग लगने का खतरा बहुत कम हो जाएगा। यदि किन्हीं वजहों से बस में आग लगती भी है तो जान-माल का नुकसान कम होगा।
यात्रियों को भी मिलेगा आराम
वर्कशॉप में तैयार हो रहीं बसों में लगाई जा रही विशेष मैटिंग यात्रियों को भी राहत पहुंचाएगी। बताया गया कि विशेष सामग्री से तैयार यह मोटी मैटिंग बस के फ्लोर की गर्मी को यात्रियों तक नहीं पहुंचने देगी। इससे बस के भीतर का तापमान भी सामान्य रहेगा। यह मैटिंग पूर्व में उपयोग में लाई जा रही मैटिंग की तुलना में अधिक दिनों तक चलेंगी।
650 बसों में होगा इस्तेमाल
रोडवेज वर्कशॉप में इस बार 650 बसों के तैयार होने का ऑर्डर आया है। इनमें पहले चरण की सौ बसों के बनने का काम शुरू हो गया है। कार्यशाला के अधिकारियों ने बताया कि यह बदलाव सभी 650 बसों में यात्रियों को दिखाई देंगे। कार्यशाला में बन रहीं बसें जल्द ही बनकर रोडवेज को सौंप दी जाएंगी।
