रायबरेली: युवक की मौत के राज को दफन करने में जुटी पुलिस, मृतक की मां ने लगाए आरोप
महिला ने परिजनों के साथ एसपी कार्यालय के बाहर किया हंगामा
रायबरेली, अमृत विचार। शहर कोतवाली क्षेत्र के नेहरू नगर क्रासिंग के पास बीते शुक्रवार को एक 22 वर्षीय युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया था। मामले में युवक की मां और बहन ने हत्या का आरोप लगाकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी लेकिन मामले में पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट दर्ज करना भी जरूरी नहीं समझा।
इस पर मृतक के परिजनों ने एसपी कार्यालय के बाहर पुलिस के खिलाफ हंगामा किया। आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों से सेटिंग कर मामले को दबाने में जुटी है। वहीं परिजनों ने हत्या किए जाने की बात को लेकर डीएम, एसपी को भी अवगत करा दिया था। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बताते हैं कि अजूबा पुत्र स्वर्गीय रामदेव निवासी मुंशीगंज रामनगर थाना भदोखर का शव शुक्रवार की सुबह रेल ट्रैक पर क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा मिला था। इस पर मृतक की मां अनीता और बहन मिली ने हत्या का आरोप लगाया था। बताया जाता है कि अजूबा ने किसी रिश्तेदार को नेहरू नगर क्रॉसिंग के बगल में साईनाथ हॉस्पिटल में एडमिट कर रखा था। मृतक की बहन मिली ने बताया था कि उसका भाई अजूबा ने साईनाथ हॉस्पिटल में रिश्तेदार एडमिट कराया था। परिवार में पारिवारिक जमीनी विवाद चल रहा है। जमीनी विवाद के चलते उसके भाई को मार कर शव क्रॉसिंग के बगल में डाल दिया था।
वहीं मृतक की मां अनीता पत्नी रामदेव ने बताया कि उसकी बहन का लड़का त्रिभुवन साईं हास्पिटल में भर्ती है। वह भी हॉस्पिटल में काम करती है। बीती गुरुवार की रात को त्रिभुवन के इलाज के लिए 20 हजार रुपये अजूबा से मंगाए गए थे। आरोप लगाया कि अजूबा की हत्या कर शव को रेल ट्रैक पर फेंक दिया गया। मामले में अनीता ने दो लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है।
बताया कि आरोपियों ने उसके बेटे अजूबा को बरगद चौराहा से उठा लिया और फिर 20 हजार रुपये लूटकर उसकी हत्या कर दी। उस दौरान सिविल लाइन चौकी इंचार्ज नितिन मलिक ने बताया था कि तहरीर प्राप्त हो चुकी है ।जांच के बाद मिले साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी लेकिन पुलिस ने एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया है। मंगलवार को मृतक के परिजनों ने एसपी कार्यालय के बाहर पुलिस के खिलाफ रोष जाहिर किया।
मृतक मां अनीता ने बताया कि तीन लोगों ने मिलकर बेटे की हत्या की है और उसकी तहरीर पुलिस को दी गई है लेकिन पुलिस आरोपियों के साथ मिलीभगत कर मामले में कोई सुनवाई नहीं कर रही है। अनीता ने बताया कि उसने बेटे की हत्या किए जाने पर 30 सिंतबर को जन सुनवाई के तहत डीएम, एसपी और सदर कोतवाली को मामले से अवगत करा दिया था। आरोप यह भी लगाया गया कि पुलिस ने जबरन बेटे का शव जेसीबी से खोदवा कर उसे दफन करा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस मनमाने ढंग से इस मामले को दबाने में लगी है।
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