बरेली: दावे ही साफ-सुथरे नहीं इसलिए शहर का हाल गंदगी से खराब
बरेली, अमृत विचार। गंदगी से अटा शहर साफ बयान करने लगा है कि बिना किसी इच्छाशक्ति के सैकड़ों करोड़ की रकम फूंककर उसे स्मार्ट सिटी बनाने की कोशिश नाकाम हो रही है।
सफाई व्यवस्था ही इस कदर पटरी से उतर गई है कि लोगों को हर तरफ गंदगी से जूझना पड़ रहा है। न उन वार्डों में ठीक से सफाई हो रही है जो नगर निगम के सफाई कर्मियों के सुपुर्द है, न उनकी जो निजी एजेंसी के हाथों में हैं। अफसर हवा में किले बनाने में मशगूल हैं, जनप्रतिनिधियों ने हमेशा की तरह कन्नी काट रखी है और पब्लिक की दिक्कत लगातार बढ़ती जा रही है।
नगर निगम के अफसरों का दावा है कि जो वार्ड निजी एजेंसी को दिए गए हैं, उनमें हर वार्ड में 30-30 सफाई कर्मचारी तैनात हैं जो नियमित रूप से सफाई कर रहे हैं लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट है। एक तो वार्डों में 15-20 से ज्यादा सफाईकर्मी तैनात नहीं हैं, दूसरे नियमित रूप से सफाई भी नहीं कर रहे हैं। असल हाल यह है कि नगर निगम ने उनकी निगरानी के लिए सुपरवाइजरों और सफाई निरीक्षकों तक का इंतजाम पुख्ता नहीं किया है। इसके बावजूद अफसर निजी एजेंसी के वार्डों में बेहतर ढंग से सफाई होने का दावा कर रहे हैं।
अमृत विचार की टीम ने निजी एजेंसी के कुछ वार्डों की हालत का जायजा लिया तो पता लगा कि रोज झाड़ू लगाने और नालियों से सिल्ट निकलवाकर हाथ के हाथ उसकी सफाई कराने का काम नहीं हो रहा है। नालियों की सफाई तो किसी वार्ड में नहीं हो रही है। सिल्ट और कूड़े की वजह से ज्यादातर नालियां चोक हैं। कई जगह कूड़े के ढेर भी नहीं उठवाए जा रहे हैं।
निजी एजेंसी की जिम्मेदारी में शामिल हजियापुर वार्ड के लोग गंदगी से परेशान हैं। यहां अंबेडकर कॉलोनी में मंदिर के ही सामने कूड़े का ढेर कई दिनों से पड़ा है। नालियां भी चोक हैं। इसी कॉलोनी के मंजीत सागर बोले, नालियां ही गवाह हैं कि यहां कितनी सफाई हो रही है। चार-चार दिन बाद कर्मचारी आते हैं और इधर-उधर झाड़ू मारकर चले जाते हैं। नगर निगम में कई बार शिकायतें कर चुके हैं। अब मंगलवार को कॉलोनी के लोग नगर निगम जाकर अफसरों को गंदगी के वीडियो दिखाएंगे।
सहसवानी टोला में मीरा की पैठ के पास गुस्से में भरे सलीम ने कहा कि जो अफसर दावा करते हैं कि हर रोज सफाई होती है, उन्हें यहां लाकर ये नालियां दिखाई जाएं। उनसे पूछना चाहिए कि निजी एजेंसी के कर्मचारियों ने कितनी बार आकर नालियों की सिल्ट साफ की है। उन्होंने कब आकर इस काम निरीक्षण किया है।
कटरा चांद खां वार्ड में मौर्य मंदिर के पास रहने वाले भूपराम मौर्य ने बताया कि शाहजहांपुर रोड से पीलीभीत रोड जाने का मुख्य मार्ग साफ है लेकिन नालियों की हालत काफी खराब है। कर्मचारी कभी नालियों से सिल्ट साफ करने नहीं आते। भीतरी मोहल्लों का हाल तो बेहद खराब है।
सभी सुपरवाइजर और सफाई निरीक्षकों को आज ही बीट बनाकर काम कराने का निर्देश दिया है। निजी वार्डों में सफाई की निगरानी के साथ लापरवाही पर सख्ती करने को भी कहा है। नालियाें से सिल्ट निकलवाने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। - विमल मिश्रा, जेडएसओ
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