उन्नाव: हत्या में पिता-पुत्र दोषी, आजीवन कारावास के साथ 30-30 हजार जुर्माना

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अजगैन कोतवाली क्षेत्र में पांच साल पूर्व हुई किशोर की हत्या को हुआ आदेश 

उन्नाव, अमृत विचार। उन्नाव की अजगैन कोतवाली क्षेत्र में पांच साल पूर्व किशोर की गला दबाकर हुई हत्या के मामले की अंतिम सुनवाई हुई। शासकीय अधिवक्ता की दलील और प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर पिता-पुत्र को कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास के साथ 30-30 हजार का जुर्माना लगाया है।

बता दें कि अजगैन कोतवाली क्षेत्र के केवाना गांव निवासी नीलम पत्नी संतू ने 31 दिसंबर-18 को पुलिस को दी तहरीर में उसने गांव के निवासी शिवशंकर, उसके बेटे रजनीश और राधेलाल पुत्र भीखा रैदास पर रंजिश के चलते बेटे राहुल की हत्या करने की बात कही थी। 

आरोप था कि उसका बेटा 30 दिसंबर की सुबह घर से कसरत करने निकला था लेकिन लौट कर घर नहीं आया। अगले दिन सुबह उसके बेटे का शव गांव के जितेंद्र सिंह के खेत में नग्न अवस्था में मिला था। उसकी हत्या गला दबाकर की गई थी। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद हत्या के आरोपियों को पुलिस ने पकड़ कर जेल भेजा था। विवेचक वीरपाल सिंह ने पिता-पुत्र व एक अन्य के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। 

एडीजे-3 की कोर्ट में मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता विनय दीक्षित को ओर से प्रस्तुत गवाहों व दलीलों के आधार पर न्यायाधीश ममता सिंह ने शिवशंकर व उसके बेटे रजनीश को किशोर की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के आदेश दिये। इसके साथ दोनों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं तीसरे आरोपी को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया।

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