सुलतानपुर: पूर्व विधायक रामचन्द्र चौधरी समेत 10 की सुनवाई लटकी
सुलतानपुर। कादीपुर के पूर्व विधायक रामचंद्र चौधरी और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा समेत 10 आरोपियों ने मुकदमा समाप्त करने की अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई टल गई। एमपी-एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश एकता वर्मा ने मामले की सुनवाई अब 17 अक्टूबर को नियत की है।
कादीपुर क्षेत्र के संत तुलसीदास डिग्री कॉलेज के सामने 17 अक्टूबर 2002 को सड़क दुर्घटना में छात्रा पूनम श्रीवास्तव की मौत हो गई थी। आरोप है कि घटना से आक्रोशित पूर्व विधायक रामचंद्र चौधरी, अभिषेक सिंह राणा, सर्वेश सिंह, जितेन्द्र सिंह, लाल बहादुर, शिवभूषण सिंह, पंकज, बृजेश, विपिन, वेद प्रकाश समेत 14 लोगों ने कादीपुर कोतवाली में पहुंचकर बलवा, नारेबाजी, पथराव और लूटपाट की थी।
तत्कालीन कोतवाल शिवराज सिंह की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में कादीपुर के सीओ विजय नारायण ने चार्जशीट दाखिल की थी। सपा सरकार में विधायक रहे रामचंद्र चौधरी समेत सभी आरोपियों का मुकदमा वापस लेने का आदेश तत्कालीन सरकार ने साल 2013 में दिया था। जिसके आधार पर एपीओ ने मुकदमा समाप्त करने की सिफारिश की थी।
विशेष कोर्ट ने प्रार्थना पत्र खारिज कर मुकदमा जारी रखने का आदेश दिया था। फाइल सेशन कोर्ट की सुपुर्दगी की में जाने के बाद आरोपियों के वकील अरविन्द सिंह राजा ने फिर से मुकदमा समाप्त करने की अर्जी दाखिल की लेकिन कई पेशियों से सुनवाई लटकी है।
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