संभल: किशोरी से दुष्कर्म में युवक को दस साल का सश्रम कारावास
2022 में गुन्नौर की किशोरी को बहला फुसला कर भगा ले गया था युवक, अदालत ने अभियुक्त पर 6,000 रुपये जुर्माना भी लगाया
संभल/चन्दौसी, अमृत विचार। नाबालिग को बहला फुसला कर भगा ले जाने, दुष्कर्म करने में अदालत ने दोषी को दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है । अदालत ने उस पर 36,000 रुपये जुर्माना भी लगाया है।
थाना गुन्नौर के एक मोहल्ला की महिला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी 15 वर्षीया बेटी ब्यूटी पार्लर में काम सीखने जाती थी। 12 मई 2022 की दोपहर करीब एक बजे सुनील (23 ) निवासी गांव बहलोलपुर थाना गुन्नौर उनकी बेटी को बहला फुसला कर भगा ले गया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुनील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना शुरू की थी। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर 164 के बयान कराए।
पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद पुलिस ने सुनील के विरुद्ध धारा 363, 366, 376 आईपीसी व पॉक्सो एक्ट के तहत अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी करते हुए नरेन्द्र कुमार यादव शासकीय अधिवक्ता ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। शुक्रवार को सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अशोक कुमार यादव द्वितीय ने आरोपी सुनील को दोषी करार देते हुए धारा 342 के आरोप में एक वर्ष के कारवास व एक हजार रुपये अर्थदण्ड से दंडित किया।
अर्थदण्ड अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। धारा 363 में सात वर्ष सश्रम कारावास व 10,000 रुपये अर्थदण्ड तथा अर्थदण्ड अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। धारा 376 आईपीसी की सपठित धारा 4 पॉक्सो एक्ट में दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 25,000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। अर्थदण्ड अदा न करने पर उसे दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने जुर्माने की राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया। सभी सजाएं साथ चलेंगी।
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