बरेली: मंत्री धर्मपाल ने मदरसों में एआई आधारित माड्यूल पर दिया जोर

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बरेली, अमृत विचार। पशुधन एवं दुग्ध विकास अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले छात्र और छात्राओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सरकार कई कदम उठा रही है। सरकार चाहती है कि मदरसे के बच्चे भी आईएएस अफसर बनें। इसलिए मदरसा शिक्षा में दीनी (प्रार्थना) के साथ राष्ट्रगान को लागू किया है।

प्रधानमंत्री की मंशा है मदरसों के छात्रों के एक हाथ में कुरान तो दूसरे में लैपटॉप हो। इसके लिए प्रयास जारी हैं। मदरसा शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम में डिजिटल लिट्रेसी, कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल किया गया है।

वह शनिवार को विकास भवन में आयोजित अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। कहा कि मदरसों में ज्यादातर गरीब मुसलमानों के बच्चे पढ़ते हैं, वह डाक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक आदि बनें, लेकिन कुछ लोग ऐसे बच्चों को आगे नहीं बढ़ने देना चाहते हैं। हम उन्हें आगे बढ़ाएंगे।

बैठक में मदरसों के प्रधानाचार्य,अध्यापकों से कहा कि छात्रों को उर्दू, फारसी के साथ-साथ हिंदी,अंग्रेजी, विज्ञान सहित अन्य विषयों की भी शिक्षा दी जाए। बोले- डीएम के साथ बैठक कर यह निर्णय लिया गया है कि वक्फ की संपत्तियों का पता लगाया जाए। इन संपत्तियों पर किए गए अवैध कब्जे हटाए जाएंगे और उस जमीन पर पार्क, स्कूल आदि बनवाए जाएंगे।

मंत्री ने कहा कि जल्द आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित माड्यूल मदरसों में आरंभ किया जाएगा। इसकी जानकारी देने के लिए विषय विशेषज्ञों के सहयोग से 22 वीडियो बनाए हैं। इसके जरिए अध्यापकों को औद्योगिक विकास के प्रति पारंगत किया जा सकेगा। उन्हें कंप्यूटर साइंस के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। वह रोबोटिक और अन्य तकनीकी प्रणाली को विकसित करने के बारे में जान सकेंगे।

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