बरेली: अब बागवानी से बदलेगी किसानों की किस्मत
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में किसानों के दिन बहुरने वाले हैं। उनके लिए आम के आम गुठलियों के दाम वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। किसान अपने खेतों में ही मनरेगा के तहत बागवानी करके अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकेंगे। इससे जहां उनकी आय दोगुनी होगी वहीं सरकार की ओर से मजदूरी …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में किसानों के दिन बहुरने वाले हैं। उनके लिए आम के आम गुठलियों के दाम वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। किसान अपने खेतों में ही मनरेगा के तहत बागवानी करके अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकेंगे। इससे जहां उनकी आय दोगुनी होगी वहीं सरकार की ओर से मजदूरी के अलावा कच्चा माल व अन्य जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि मजदूरों की खुशहाल जिदंगी का सपना पूरा हो सके।
जिले में इस साल में 48 हजार हेक्टेयर भूमि पर मनरेगा के तहत बागवानी का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अमरूद, नींबू, संतरा आदि के लिए शासन से धन की मंजूरी मिल गई है। अफसरों के मुताबिक सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों की आमदनी को दोगुना करना है।
कोरेना काल में सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी गांवों में मनरेगा के तहत जॉबकार्ड धारकों को 100 दिन रोजगार नहीं मिल पा रहा है। काफी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौट गए हैं। सभी को रोजगार देना चुनौती साबित हो रहा है इसलिए भूमि सुधार, बागवानी, पशुपालन पर सरकार जोर दे रही है।
जॉबकार्ड धारक, लघु एवं सीमांत किसानों से मनरेगा से बागवानी का कार्य कराया जाएगा। उन्हें खेतों में काम के बदले मजदूरी मिलेगी। मनरेगा के जरिए मजदूर किसान खेती व बागवानी से अपनी आर्थिक स्थित मजबूत कर सकेंगे।
जैविक खेती पर दिया जाएगा जोर
फसल में कम लागत से अच्छे उत्पादन के लिए जैविक खेती पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को गोबर से खाद बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकार की मंशा है कि किसान बागवानी समेत अन्य कृषि कार्यों में रासायनिक खादों का प्रयोग कम से कम करें। जैविक खाद बनाने के बदले भी किसानों को मनरेगा से भुगतान मिलेगा।
उद्यान विभाग देगा बागवानी के लिए बीज व उर्वरक
जिला उद्यान अधिकारी पुनीत पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री फलोत्पादन योजना के तहत उन किसानों को योजना का लाभ मिलेगा जिनके पास कम से कम एक हेक्टयर जमीन हो और वह मनरेगा के तहत जॉबकार्ड धारक हों। एक साल में संबंधित किसान को करीब 40 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा। बागवानी के लिए किसानों को बीज, उर्वरक समेत अन्य सामान उद्यान विभाग उपलब्ध कराएगा।
