कुतुबखाना पुल: एमडी ने शपथ पत्र तो दिया मगर दिसंबर की डेडलाइन बनेगी गले की फांस
दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था कुतुबखाना पुल का निर्माण, अब तक केवल 65 फीसदी ही पूरा हो सका
बरेली, अमृत विचार। त्योहारी सीजन आने वाला है मगर कुतुबखाना पुल का निर्माण रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। इससे व्यापारी परेशान हैं लेकिन लोकसभा चुनाव की वजह से जनप्रतिनिधि लगातार जल्द से जल्द पुल निर्माण पूरा करने का दबाव अधिकारियों और कार्यदायी संस्था मंटेना पर बना रहे हैं। शनिवार को मंटेना के एमडी अमित चोपड़ा की अफसरों ने जमकर क्लास लगाई। नगर आयुक्त ने काम में देरी पर जेल भेजने की चेतावनी दी तो एमडी ने आनन-फानन में दिसंबर तक पुल का निर्माण पूरा करने का वादा कर लिखित शपथ पत्र नगर आयुक्त को सौंप दिया लेकिन समय से पुल निर्माण अब उनके लिए गले की फांस बन गया है।
व्यापारियों का कहना है कि झूठे वादों की कोई सीमा नहीं होती। अफसरों और नेताओं ने पुल बनने से पहले छह महीने में निर्माण पूरा कराने का हवाई वादा किया था। अब ठीक उसी तरह अफसरों के दबाव में कार्यदायी संस्था ने दिसंबर तक काम पूरा करने का वादा किया है। अभी तक महज 65 फीसदी काम हुआ है। कोहाड़ापीर रोड पर तंग सड़क पर भीड़भाड़ वाले इलाके में पुल का निर्माण बिल्कुल भी रफ्तार पकड़ नहीं पा रहा है।
15 हजार परिवारों की रोजी रोटी पर संकट
पिछले साल डेढ़ किलोमीटर लंबे कुतुबखाना पुल का निर्माण शुरू किया गया। इस पुल के दायरे में आने वाले बाजार में छोटे-बड़े करीब तीन हजार से अधिक दुकानदारों और 15 हजार से अधिक परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। लेकिन निर्माण कि सुस्त गति से ग्राहक बाजार से गायब हैं। ग्राहक न होने से दुकानदार खाली बैठे रहते हैं। जो कारोबारी बैंक से ऋण लेकर कारोबार कर रहे हैं, उन्हें बैंक की किस्त और बिजली का बिल जमा करना मुश्किल हो रहा है। दुकान के मालिक कर्मचारियों का वेतन समय पर नहीं चुका पा रहे हैं। निर्माण कार्य के चलते एक दिन में करीब दो करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
कोहाड़ापीर रोड के व्यापारी बोले-
मेरी दुकान के आसपास तीन पिलरों पर तीन महीने से काम चल रहा है। पुल का निर्माण शुरू करने से पहले जनप्रतिनिधियों और अफसरों ने झूठा वादा कर बड़ी संख्या में व्यापारियों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। मार्च तक भी पुल बन जाए तो बड़ी बात होगी।- श्रीकृष्ण गर्ग, व्यापारी
जिसे देखो व्यापारियों के साथ छल कर रहा। झूठा वादा कर जनप्रतिनिधियों को जो करना था कर दिखाया। अब दबाव में आकर कार्यदायी संस्था ने दिसंबर में निर्माण पूरा करने का दावा किया है। मार्च तक काम पूरा हो जाए तो बड़ी बात होगी। -कमल, व्यापारी
कोहाड़ापीर रोड पर पुल का निर्माण रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। कारोबार पूरी तरह चौपट है। नगर निगम का टैक्स, बिजली बिल कैसे अदा करें। जनप्रतिनिधियों ने सोची समझी साजिश के तहत दुकानदारों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया।- राहिद, व्यापारी
कुतुबखाना पुल का निर्माण शुरू होते वक्त भरोसा दिलाया गया था कि पुल का निर्माण काफी तेजी से कराया जाएगा ताकि कारोबार प्रभावित न हो, लेकिन एक साल से अधिक का समय होने पर भी काफी निर्माण बाकी है। कारोबार ठप कर दिया है।- प्रकाश, व्यापारी
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