अमेरिका निवासी व्यक्ति के पते के सत्यापन की प्रक्रिया जारी, सीबीआई ने न्यायालय से कहा
नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि उस व्यक्ति के पते के सत्यापन की प्रक्रिया जारी है, जो 2004 से अमेरिका का निवासी है और जिसे शीर्ष अदालत ने उसके ‘अपमानजनक आचरण’ के लिए छह महीने जेल की सजा सुनाई थी।
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शीर्ष अदालत ने इस साल 16 मई को उस व्यक्ति को छह महीने के कारावास की सजा सुनाई थी और केंद्र तथा सीबीआई को निर्देश दिया था कि भारत में उसकी मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाये जाएं ताकि वह सजा काटे और उस पर लगाये गये 25 लाख रुपये के जुर्माने का भुगतान करे।
उच्चतम न्यायालय ने जनवरी में व्यक्ति को अदालत के एक आदेश के अनुसार अपने बेटे को भारत वापस नहीं लाने पर अवमानना का दोषी ठहराया था। शीर्ष अदालत ने एक महिला की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए व्यक्ति को दोषी ठहराया था। महिला ने 2007 में इस व्यक्ति से शादी की थी और आरोप लगाया था कि उसने अदालत द्वारा मई 2022 के आदेश में दर्ज हलफनामे का उल्लंघन किया।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति अभय एस ओका की पीठ के समक्ष सोमवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने कहा कि व्यक्ति द्वारा दिया गया अमेरिका का पता गलत निकला और अब वे याचिकाकर्ता के पिता द्वारा दिये गये व्यक्ति के पते के सत्यापन का प्रयास कर रहे हैं।
सीबीआई के वकील ने कहा कि जांच एजेंसी ने मामले को इंटरपोल और अमेरिका में संबंधित अधिकारियों के साथ उठाया है और पते के सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। शीर्ष अदालत ने मामले में प्रगति की समीक्षा के लिए 20 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
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