नई दिल्ली से प्रयागराज पहुंची विरासत यात्रा, नागरिकों ने किया भरपूर समर्थन
प्रयागराज। नई दिल्ली स्थित राजघाट से शनिवार को शुरू हुई संविधान के वास्ते, गांधी के रास्ते ˮविरासत बचाओ यात्राˮ मंगलवार को प्रयागराज पहुंच गयी। सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पर नागरिकों ने यात्रा को अपना भरपूर समर्थन दिया। सभा में वक्ताओं ने अपने संबोधन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समातामूलक, समावेशी, सत्य, अहिंसा के रास्ते पर चलकर गांधी की विरासत आगे बढ़ाने और लोकतंत्र की मजबूती के लिए शांति, सद्भाव, जाति-धर्म निरपेक्ष सामाजिक न्याय की स्थापता का आह्वान किया।
दिल्ली से विरासत बचाओ यात्रा मंगलवार को प्रयागराज पहुंची। जहां सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पर नागरिक समाज ने यात्रा को अपना समर्थन दिया। इस दौरान प्रोफेसर आनंद कुमार ने कहा कि यह गांधी, विनोबा, जय प्रकाश नारायण की विरासत को बचाने की लड़ाई शरू की गयी है। वहीं सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के महासचिव संदीप पांडेय ने कहा कि देश के सामने अब सिर्फ दो विकल्प हैं। या तो गांधी वादी का रास्ता चुनें या हिंदुत्ववादियों का।
प्रोफेसर आनंद कुमार ने यात्रा के के बारे में कहा कि वाराणसी में सर्व सेवा संघ के 1962 में स्थापित गांधी-जेपी की विरासत, जो सर्व सेवा संघ का प्रकाशन स्थल भी था। उसको तानाशाही सरकार ने संविधान और कानून को ताक पर रखकर ध्वस्त करा दिया। ऐसी तानाशाह सरकारों को जनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।
इसलिए सभी लोग सत्याग्रह के मार्ग पर चलकर न्याय की मांग कर रहे हैं। सभा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समातामूलक, समावेशी, सत्य, अहिंसा के रास्ते पर चलकर गांधी की विरासत आगे बढ़ाने और लोकतंत्र की मजबूती के लिए संविधान की रक्षा का आह्वान किया गया। उन्होंने बताया कि यह यात्रा गांधी-विनोबा-जेपी विरासत बचाओ संघर्ष समिति, सर्व सेवा संघ, युसुफ मेहरअली सेंटर, लोक समिति, लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के सयुंक्त तत्वाधान में आयोजित की जा रही है।
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