बरेली: केशलता कॉलेज ऑफ फार्मेसी में मनाया गया नेशनल करंट गुड मेनुफेक्चरिंग प्रैक्टिस डे, छात्रों ने सीजीएमपी की बारीकियां सीखीं
बरेली, अमृत विचार। बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के केशलता कॉलेज ऑफ फार्मेसी में मंगलवार को नेशनल करंट गुड मेनुफेक्चरिंग प्रैक्टिस डे मनाया गया। जिसमें असिस्टेंट प्रो. जीवन चंद्र पांडेय ने छात्र-छात्राओं को बताया कि सीजीएमपी का मतलब करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस है। सीजीएमपी आवश्यकताओं को पहली बार 1978 में संघीय खाद्य, औषधि और कॉस्मेटिक अधिनियम में अधिकृत किया गया है।
सीजीएमपी ऐसी प्रणालियां प्रदान करता है जो विनिर्माण प्रक्रियाओं और सुविधाओं के उचित डिजाइन, निगरानी और नियंत्रण का आश्वासन देती हैं। सीजीएमपी नियमों का पालन दवा उत्पादों की पहचान, ताकत, गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करता है, जिससे दवाओं के निर्माताओं को विनिर्माण कार्यों को पर्याप्त रूप से नियंत्रित करने की आवश्यकता होती है। फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में क्यूऐ और क्यू सी का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है।
प्रधानाध्यापक डाॅ. पंकज मिश्रा ने बताया कि सीजीएमपी फार्मास्युटिकल, जैव प्रौद्योगिकी, चिकित्सा प्रौद्योगिकी और चिकित्सा उपकरण उद्योगों पर लागू होता है। इस मौके पर असिस्टेंट प्रो. सुगंधा सिंह, सृष्टि कटियार, वर्षा सैनी, ऐश्वर्या यादव, सौम्या अग्रवाल, जगमोहन गंगवार, प्रिया लोहिया, अनिल कुमार सिंह और अमित गंगवार आदि उपस्थित रहे।
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